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मोती नगर में युवती के अपहरण की सूचना पर दिल्ली पुलिस का एक्शन, 30 मिनट में सुलझा गलतफहमी का मामला

Published: Tue, 29 Sep 2026 10:29 PM (IST)

मोती नगर में एक नाबालिग छात्र की पीसीआर कॉल से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया, जिसमें उसने एक कार ...और पढ़ें

मोती नगर में एक नाबालिग छात्र की पीसीआर कॉल से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया।

मोती नगर में एक नाबालिग छात्र की पीसीआर कॉल से दिल्ली पुलिस में हड़कंप मच गया।

HighLights

  1. मोती नगर में अपहरण की पीसीआर कॉल से पुलिस में हड़कंप।

  2. 30 मिनट में युवती को सुरक्षित ढूंढ निकाला, गलतफहमी निकली।

  3. पुलिस ने छात्र की सतर्कता की सराहना की, जिम्मेदारी का संदेश।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। आस्था कुंज पार्क में नाबालिग किशोरी से सामूहिक दुष्कर्म की घटना के बीच शनिवार दोपहर करीब 12:50 बजे मोती नगर से आई एक पीसीआर कॉल से पश्चिमी जिला पुलिस में हड़कंप मच गया। कॉलर ने बताया कि एक कार में युवती के हाथ-पैर बंधे हैं और उसे अगवा कर ले जाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही पुलिस उपायुक्त हरेश्वर वी. स्वामी के निर्देश पर पुलिस टीमों ने कार की तलाश शुरू की और करीब 30 मिनट में युवती तक पहुंच गई। जांच में मामला गलतफहमी का निकला।

छात्र ने तत्काल पुलिस को सूचना दी

पुलिस के अनुसार, पीसीआर कॉल करने वाला 12वीं कक्षा का नाबालिग छात्र है। वह कर्मपुरा बस स्टैंड पर बस से उतर रहा था। इसी दौरान उसने हल्के हरे रंग की कार में एक युवती को देखा। उसे लगा कि युवती के हाथ-पैर बंधे हैं और उसे जबरन कहीं ले जाया जा रहा है। छात्र ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और कार के रंग व संभावित रास्ते की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही जिले की ईआरवी, क्यूआरवी और पेट्रोलिंग बाइक को कार की तलाश में लगाया गया। पुलिस टीमों ने संभावित रास्तों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इससे कार का नंबर मिला और पुलिस कैब चालक तक पहुंच गई।

करीब 30 मिनट में पुलिस टीम युवती तक पहुंची

चालक ने बताया कि वह कैब चलाता है और युवती को डीएलएफ मॉल पर उतार चुका है। पुलिस ने कैब की बुकिंग से युवती की जानकारी हासिल कर उससे संपर्क किया। करीब 30 मिनट में पुलिस टीम युवती तक पहुंची और उसकी सुरक्षित मौजूदगी की पुष्टि की। 20 वर्षीय युवती रोहिणी की रहने वाली है और खरीदारी के लिए डीएलएफ मॉल जा रही थी।

उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ कोई घटना नहीं हुई है। पुलिस जांच में शुरुआती सूचना गलतफहमी पर आधारित पाई गई। पुलिस उपायुक्त ने छात्र की सतर्कता की सराहना की और कहा कि किसी अनहोनी की आशंका होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देना जिम्मेदार नागरिक का परिचय है।

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