विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हिरासत में बैठे अभिजीत दीपके को दादी के निधन की सूचना दी थी या नहीं? दिल्ली पुलिस ने जारी किया वीडियो

Published: Sun, 11 Oct 2026 06:20 PM (GMT+05:30)Updated: Sun, 11 Oct 2026 06:25 PM (GMT+05:30)

दिल्ली पुलिस ने CJP के दावों को खारिज करते हुए एक वीडियो जारी किया है कि हिरासत में अभिजीत दीपके ...और पढ़ें

HighLights

  1. दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दीपके की दादी निधन पर वीडियो जारी किया।

  2. पुलिस ने दीपके को सूचना देने और मदद की पेशकश की थी।

  3. सीजेपी के आरोपों को पुलिस ने सिरे से खारिज किया।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने रविवार को एक वीडियो जारी कर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि हिरासत में मौजूद पार्टी संस्थापक अभिजीत दीपके को उनकी दादी के निधन की सूचना नहीं दी गई थी।

दिल्ली पुलिस ने क्या दी सफाई?

पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह खबर पूरी संवेदना के साथ उन तक पहुंचाई गई थी और उनके गृह नगर जाने के लिए यात्रा में मदद की पेशकश भी की गई थी, जिसे उन्होंने 'ठुकरा' दिया। वहीं, दीपके इस दावे पर कि उन्होंने किसी बांड पर साइन नहीं किया है, के जवाब में पुलिस ने कहा है कि जमानत की शर्तों को तोड़ने पर कार्रवाई की जा सकती है।

सीजेपी और दीपके की मां के आरोप पर कहा...

यह वीडियो तब सामने आया जब अभिजीत दीपके की मां और सीजेपी ने दिल्ली पुलिस पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए कहा था कि शनिवार को हिरासत के दौरान उनके बेटे को उनकी दादी के देहांत की जानकारी नहीं दी गई थी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डीसीपी (पीआरओ) नेहा यादव ने वीडियो साझा करते हुए कहा कि दीपके को तुरंत यह जानकारी दे दी गई थी और उनकी दादी के अंतिम संस्कार के समय से भी अवगत कराया गया था।

मानवीय आधार पर मदद की पेशकश

पुलिस ने कहा कि दीपके को उनके गृह नगर जाने के लिए हरसंभव सहायता देने और परिवार से बात करने की सुविधा देने का प्रस्ताव रखा गया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। बता दें कि अभिजीत दीपके की दादी, जो लंबे समय से बीमार थीं। उनका शनिवार को सुबह करीब 11:30 बजे निधन हो गया था।

जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन और रिहाई

शनिवार को जंतर-मंतर पर होने वाले विरोध प्रदर्शन से ठीक पहले अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका और सौरभ दास को दिल्ली पुलिस ने एक विमान के अंदर से हिरासत में ले लिया था। पुलिस ने कानून-व्यवस्था और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।

रिहाई के बाद क्या कहा था रत्ना सिंह ने?

इन तीनों नेताओं को हिरासत में रखा गया था, जिन्हें रविवार सुबह एक कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने के बाद रिहा कर दिया गया। सीजेपी की कानूनी मामलों की प्रमुख रत्ना सिंह ने बताया था कि उन्हें एक साल तक 'शांति भंग न करने' की शर्त पर रिहा किया गया है, जिसे पार्टी ने अपनी एक बड़ी कानूनी जीत बताया है।

यह भी पढ़ें- Delhi CJP Protest News Live: 'कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया, हिंसा भड़काई', दीपके की हिरासत पर बोली दिल्ली पुलिस

यह भी पढ़ें- 'क्या NHRC सो रहा है, कहां हैं HC और सुप्रीम कोर्ट?', CJP नेता सौरभ दास ने उठाया प्रणय अहीरे का मुद्दा