'क्या NHRC सो रहा है, कहां हैं HC और सुप्रीम कोर्ट?', CJP नेता सौरभ दास ने उठाया प्रणय अहीरे का मुद्दा
CJP के सौरभ दास ने प्रणय अहीरे पर कथित हमले और हिरासत में प्रताड़ना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।

सीजेपी नेता सौरभ दास और आशुतोष रांका रविवार को नई दिल्ली के प्रेस क्लब ऑफ इंडिया में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत करते हुए। पीटीआई
HighLights
CJP नेता सौरभ दास ने मानवाधिकार आयोग की चुप्पी पर सवाल उठाए।
दिल्ली पुलिस पर प्रणय अहीर के साथ मारपीट का आरोप लगा।
बिना सीजर मेमो के प्रदर्शनकारियों के फोन जब्त किए गए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सौरभ दास ने रविवार को पार्टी के मुंबई प्रमुख प्रणय अहीरे पर कथित हमले और हिरासत में प्रताड़ना को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी), उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस दास ने सवाल किया कि क्या मानवाधिकार आयोग सो रहा है?
प्रणय अहीर पर कथित हमले का मामला
बता दें कि शनिवार को दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान सीजेपी नेताओं ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस द्वारा कथित रूप से मारपीट किए जाने के बाद प्रणय अहीरे को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पार्टी का कहना है कि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग कर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे।
सौरभ दास ने कहा कि एनएचआरसी कहां है? उच्च न्यायालय कहां है? सर्वोच्च न्यायालय कहां है? उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस तरह के कृत्यों से कानून का मजाक उड़ाया जा रहा है।
Pranay Ahire, Mumbai Lead for CJP, is in the hospital after being brutally assaulted by Delhi Police while on ground at today’s protest in Delhi. A man who showed up to exercise his democratic right is now receiving medical care. WHO GAVE YOU THE RIGHT TO LAY YOUR HANDS ON HIM? A uniform is not a license to assault people. You are supposed to uphold the law and not make a mockery of it. We will not be intimidated, we will not be silenced and we will not let this go. Haath uthaya hai na, ab jawaab bhi dena padega.
— Cockroach Janta Party - CJP (@Cockroachisback) October 10, 2026
बिना सीजर मेमो के फोन जब्त करने का आरोप
सौरभ दास ने आगे आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेते समय उचित कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने बिना किसी औपचारिक 'सीजर मेमो' के सीजेपी के लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए। वहीं, हिरासत में लिए गए लोगों को उनके वकीलों से संपर्क करने की अनुमति नहीं दी गई।
फोन क्लोनिंग या हैकिंग की आशंका
दास ने आशंका जताई कि जब्त किए गए मोबाइल के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है, उन्हें क्लोन या हैक किया जा सकता है। उनके फोनों में झूठे दस्तावेज या सबूत प्लांट किए जा सकते हैं।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
सीजेपी नेताओं ने कड़े शब्दों में कहा कि पुलिस की वर्दी किसी पर भी हमला करने का लाइसेंस नहीं है। पार्टी ने इस मामले में जवाबदेही की मांग की है और कहा है कि वे इस कानूनी लड़ाई को पीछे हटने के बजाय पूरी मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
