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दिल्ली पुलिस मुख्यालय में प्रदर्शन के बीच सामने आए 3 'हीरो', एक किरण बेदी और बाकी दो कौन?

Published: Mon, 02 Nov 2026 02:26 PM (IST)Updated: Mon, 02 Nov 2026 02:30 PM (IST)

दिल्ली पुलिस मुख्यालय में पहली बार हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने अपने तीन 'हीरो' अधिकारियों को उजागर किया। ...और पढ़ें

सादे कपड़ों में एक दिल्ली पुलिसकर्मी हाथ में तख्ती लेकर पहुंचा, जिसपर तीन अधिकारियों की तस्वीरें थीं। पोस्टर पर लिखा था, 'OUR HEROS FOREVER'। जागरण

सादे कपड़ों में एक दिल्ली पुलिसकर्मी हाथ में तख्ती लेकर पहुंचा, जिसपर तीन अधिकारियों की तस्वीरें थीं। पोस्टर पर लिखा था, 'OUR HEROS FOREVER'। जागरण

HighLights

  1. पुलिस मुख्यालय में पहली बार हुआ पुलिसकर्मियों का प्रदर्शन।

  2. पुलिसकर्मियों ने अपने तीन 'हीरो' अधिकारियों को बताया।

  3. किरण बेदी, दीपक मिश्रा, मनस्वी वशिष्ठ हैं पुलिस के आदर्श।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस के इतिहास में सोमवार का दिन एक बड़ा सवाल बन गया है। पहली बार पुलिस मुख्यालय में महिला पुलिसकर्मियों समेत कई खाकीधारियों ने नारेबाजी कर धरना-प्रदर्शन किया। मामला गंभीर होता देख पुलिस आयुक्त को बैठक बुलानी पड़ी। इन उठापटक के बीच दिल्ली पुलिसकर्मियों ने एक तथ्य और जाहिर किया कि राजधानी में अब तक तैनात हुए अनगिनत अधिकारियों में से मात्र तीन ही उनके 'हीरो' हैं। इनमें से एक किरण बेदी हैं।

पुलिसकर्मियों के असली 'हीरो'

इस अनोखे तरह के हंगामे और उठापटक के बीच दिल्ली पुलिसकर्मियों ने एक दिलचस्प और गहरा तथ्य सामने रखा। प्रदर्शन के दौरान एक तख्ती के जरिए यह जाहिर किया गया कि राजधानी में अब तक तैनात हुए अनगिनत अधिकारियों में से मात्र तीन ही उनके सच्चे 'हीरो' हैं।

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सामने आई तस्वीर में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी 'OUR HEROS FOREVER' के बैनर तले किरण बेदी और दीपक मिश्रा जांबाज अधिकारी रहे हैं। वहीं, इन दोनों अधिकारियों के बाद अब 2022 बैच के दानिप्स अधिकारी एसीपी मनस्वी वशिष्ठ अब पुलिसकर्मियों के चहेते अधिकारी बन गए हैं, जिन्होंने सोमवार को पूरे प्रोटेस्ट का नेतृत्व किया। 

बैठक में तख्ती लेकर नहीं जाने दिया

इन अधिकारियों को पुलिसकर्मी अपना प्रेरणास्रोत मानते हैं, जो उनके अनुसार दबाव की राजनीति के आगे झुकने के बजाय कर्तव्य पालन की मिसाल पेश करते रहे हैं। इस विरोध प्रदर्शन ने पुलिस महकमे के भीतर चल रहे असंतोष और अधिकारियों के मनोबल को लेकर कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, इस विवादित पोस्टर के साथ बैठक में प्रवेश करने की कोशिश कर रहे पुलिसकर्मी को अंदर नहीं जाने दिया गया। उसे बाहर ही रोक लिया गया।

कौन हैं दिल्ली पुलिसकर्मियों के दो 'हीरो'?

  • किरण बेदी : 1972 में आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवा शुरू की थी। उन्होंने 1974 में प्रोबेशनर के रूप में दिल्ली में कार्यभार संभाला और दिल्ली पुलिस में विभिन्न पदों जैसे एएसपी चाणक्यपुरी, डीसीपी पश्चिमी दिल्ली, ट्रैफिक पुलिस और 1993 में तिहाड़ जेल की महानिरीक्षक के पद पर कार्य किया। वर्ष 2007 में पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो की महानिदेशक के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेने तक कुल 35 साल तक इस सेवा में रहीं।
  • दीपक मिश्रा : वर्ष 1984 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। अप्रैल 2016 में दिल्ली पुलिस से केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में स्थानांतरित किए गए थे। वे 1990 के दशक से दिल्ली पुलिस में विभिन्न पदों जैसे डीसीपी, संयुक्त सीपी और अंत में विशेष आयुक्त-प्रशासन पर कार्यरत रहे।

वकीलों के दबाव में तबादलों का विरोध

बता दें कि यह पूरा विवाद कुछ रोज पहले कड़कड़डूमा कोर्ट में वकीलों और पुलिस के बीच हुई बहसबाजी के बाद उपजा था। वकीलों के कथित दबाव के कारण पूर्वी दिल्ली में तैनात एसीपी  और एक इंस्पेक्टर का निष्क्रिय यूनिटों में तबादला कर दिया गया था। इसी कार्रवाई के विरोध में दिल्ली पुलिस के जवानों ने पुलिस मुख्यालय का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। मामला इतना गंभीर हो गया कि पुलिस आयुक्त को तुरंत बैठक बुलानी पड़ी।

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