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प्रदूषण पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सख्त: अब WhatsApp से होगी निगरानी, नियमों को तोड़ने वाली बसों पर लगेगा ब्रेक

Published: Fri, 23 Oct 2026 07:40 AM (IST)Updated: Fri, 23 Oct 2026 07:45 AM (IST)

दिल्ली यातायात पुलिस वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ा रही है, जिसके तहत त्वरित सूचना साझा करने के लिए व्हाट्सएप समूह बनाया जाएगा।

1 नवंबर से बदल जाएंगे दिल्ली में एंट्री के नियम (AI-Generated Image)

1 नवंबर से बदल जाएंगे दिल्ली में एंट्री के नियम (AI-Generated Image)

HighLights

  1. पड़ोसी राज्यों के साथ त्वरित सूचना साझा करने को व्हाट्सएप समूह।

  2. नियम उल्लंघन वाली बसों को दिल्ली सीमा पर रोका जाएगा।

  3. एक नवंबर से बाहरी वाहनों के प्रवेश पर निर्धारित प्रतिबंध लागू।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) का पहला चरण लागू होने के बीच दिल्ली यातायात पुलिस ने पड़ोसी राज्यों के साथ समन्वय बढ़ाने की तैयारी की है।

इसके तहत संबंधित पुलिस और विभागों के बीच त्वरित सूचना साझा करने के लिए अलग व्हाट्सएप समूह बनाया जाएगा। साथ ही, प्रदूषण संबंधी नियमों का उल्लंघन करने वाली अंतरराज्यीय बसों को दिल्ली में प्रवेश से पहले ही सीमाओं पर रोकने और दूसरे मार्गों की ओर मोड़ने पर जोर दिया गया है।

अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में कौन-कौन शामिल?

पुलिस मुख्याय में विशेष पुलिस आयुक्त (यातायात) अजय चौधरी की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को हुई अंतरराज्यीय समन्वय बैठक में ये निर्देश दिए गए। इसमें पड़ोसी राज्यों और जिलों की पुलिस तथा संबंधित विभागों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

बैठक में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) के निर्देशों को प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध तरीके से लागू करने पर जोर दिया गया। बैठक में एक नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत वाहनों पर लागू प्रवेश प्रतिबंधों की भी समीक्षा की गई।

संबंधित छूट और निर्धारित शर्तों के अधीन प्रतिबंध लागू होंगे। वाहन चालकों को नियमों की जानकारी देने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर प्रमुखता से सूचना पट्ट लगाने पर जोर दिया गया। प्रभावी निगरानी के लिए संयुक्त जांच टीम गठित करने पर भी चर्चा हुई।

बसों के प्रवेश पर रहेगी नजर

निर्धारित नियमों के अनुसार, पात्रता की शर्तें पूरी करने वाली इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बीएस-छह डीजल बसों को ही प्रवेश की अनुमति होगी। नियमों का पालन नहीं करने वाली अंतरशहरी और अंतरराज्यीय बसों को सीमा पर ही दूसरे मार्गों की ओर मोड़ने पर जोर दिया गया।

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