दिल्ली की राजनीति के केंद्र में रहेगी यमुना, 8941 करोड़ के मेगा प्लान से अमित शाह ने सेट किया 2029 का एजेंडा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में ₹8941 करोड़ की यमुना सफाई परियोजनाओं का उद्घाटन/शिलान्यास किया, इसे 2029 लोकसभा चुनाव से जोड़ा।

2029 चुनाव से पहले BJP का मास्टरस्ट्रोक
HighLights
अमित शाह ने ₹8941 करोड़ की यमुना परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
यमुना सफाई को 2029 लोकसभा चुनाव का मुख्य मुद्दा बनाया।
गंदा पानी रोकने, एसटीपी उन्नयन पर सरकार का जोर।
संतोष कुमार सिंह, नई दिल्ली: यमुना की सफाई दिल्ली में दशकों से चुनावी वादा रही है, लेकिन नदी की दशा नहीं सुधरी। अब भाजपा ने इसे केवल घोषणा तक सीमित न रखने और अगले लोकसभा चुनाव में अपनी उपलब्धि के रूप में पेश करने का लक्ष्य तय किया है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को 8941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास कर साफ कर दिया कि यमुना को निर्मल बनाना दिल्ली सरकार और भाजपा संगठन, दोनों की प्राथमिकता में है।
उन्होंने मई, 2029 के लोकसभा चुनाव में स्वच्छ यमुना के वादे को पूरा करने के आधार पर जनता के बीच जाने की घोषणा कर सरकार और संगठन को स्पष्ट संदेश दिया कि इस दिशा में ठोस परिणाम देने होंगे।
अमित शाह ने यमुना की बदहाली का जिम्मेदार किसे ठहराया?
मटियाला विधानसभा क्षेत्र के श्याम विहार में आयोजित कार्यक्रम में अमित शाह ने यमुना की बदहाली के लिए आप और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि निर्मल यमुना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है। इसे पूरा करने के लिए दिल्ली, केंद्र सरकार, हरियाणा और उत्तर प्रदेश एक इकाई की तरह काम कर रहे हैं।
लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि गंदा पानी नदी में न गिरे। वर्ष 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी यमुना की सफाई प्रमुख मुद्दा थी। प्रधानमंत्री ने दिल्लीवासियों से स्वच्छ यमुना का वादा किया था। अब सरकार इस दिशा में काम तेज करने की तैयारी में है।
सरकार जहां परियोजनाओं पर तेजी से काम करेगी वहीं, दिल्ली भाजपा यमुना की सफाई में जनसहभागीता सुनिश्चित करने को जनता के बीच जाएगी। शाह की घोषणा से यह भी स्पष्ट है कि यमुना की सफाई का मुद्दा आने वाले वर्षों में दिल्ली की राजनीति के केंद्र में बना रहेगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के अनुसार, सरकार वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुनियोजित कार्ययोजना के साथ प्रधानमंत्री के संकल्प को पूरा करने में जुटी है। इसके तहत नालों को टैप करने, पुराने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का उन्नयन करने, नए एसटीपी स्थापित करने, सीवर लाइन बिछाने और सीवर नेटवर्क को एसटीपी से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
वहीं, जल मंत्री प्रवेश वर्मा ने कहा कि यमुना में गंदा पानी रोकने के लिए एसटीपी और विकेंद्रीकृत एसटीपी (डीएसटीपी) जरूरी हैं। पिछली सरकार में घोषणाएं, टेंडर और फाइलों की प्रक्रिया चलती रही, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ। अब यमुना की सफाई केवल नारा नहीं, बल्कि गंभीरता से लागू की जा रही कार्ययोजना है।
