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दिल्ली के कालिंदी कुंज में AQI 267 दर्ज, 5 दिन सताएगी जहरीली हवा, 1 नवंबर से 5 बड़ी पाबंदियां

Published: Fri, 23 Oct 2026 07:16 AM (GMT+05:30)Updated: Fri, 23 Oct 2026 08:13 AM (GMT+05:30)

दिल्ली में प्रतिकूल मौसम में वायु प्रदूषण पांच दिन तक बना रह सकता है, तापमान इसका सबसे अहम कारक है। ...और पढ़ें

अगले 5 दिन प्रदूषण से कोई राहत नहीं (AI-Generated image)

अगले 5 दिन प्रदूषण से कोई राहत नहीं (AI-Generated image)

HighLights

  1. दिल्ली में प्रदूषण पांच दिन तक बना रह सकता है।

  2. नवंबर में वायु गुणवत्ता सबसे ज्यादा खराब और गंभीर रही।

  3. तापमान प्रदूषण के उतार-चढ़ाव को प्रभावित करने वाला मुख्य कारक।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। दिल्ली में मौसम की स्थिति अनुकूल नहीं होने पर वायु प्रदूषण पांच दिन तक बना रह सकता है। हवा में मौजूद प्रदूषक तत्वों के फैलने की गति धीमी होने से वे लंबे समय तक वातावरण में जमा रहते हैं।

दिल्ली की वायु गुणवत्ता पर किए गए एक अध्ययन में तापमान को प्रदूषण के उतार-चढ़ाव को प्रभावित करने वाला सबसे अहम मौसमी कारक बताया गया है। अध्ययन के मुताबिक, प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए केवल मौसम के भरोसे रहने के बजाय उत्सर्जन के स्रोतों पर रोक लगाना जरूरी है।

दिल्ली के कालिंदी कुंज इलाके में शुक्रवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 267 दर्ज किया गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मुताबिक, हवा की यह स्थिति 'खराब' श्रेणी में आती है।

2017 से दिसंबर 2024 तक हुआ विश्लेषण

एनवायरनमेंटल पल्यूशन जर्नल में प्रकाशित इस अध्ययन में जनवरी 2017 से दिसंबर 2024 तक के वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआइ) और मौसम संबंधी आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। जामिया मिल्लिया इस्लामिया, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के शोधकर्ताओं ने तापमान, वर्षा, हवा में नमी और हवा की गति के प्रभावों का अध्ययन किया है।

अध्ययन के अनुसार, आठ वर्षों के दौरान दिल्ली का औसत एक्यूआइ करीब 210 रहा, जो खराब श्रेणी में आता है। वर्ष 2024 का औसत एक्यूआइ 2017 के मुकाबले 8.14 प्रतिशत कम रहा, लेकिन सर्दियों में प्रदूषण के गंभीर दौर बने रहे। शोधकर्ताओं के मुताबिक, नवंबर में स्थिति सबसे ज्यादा खराब रही। इस महीने 53.8 प्रतिशत दिन बहुत खराब और 24.6 प्रतिशत दिन गंभीर श्रेणी में दर्ज किए गए। इसके उलट, जुलाई और अगस्त में बारिश के कारण हवा की गुणवत्ता में सुधार देखा गया। बारिश प्रदूषक तत्वों को वातावरण से हटाने के साथ सड़क की धूल को दोबारा उड़ने से रोकने में भी मदद करती है।

अध्ययन के प्रमुख आंकड़े

  • 2024 में औसत एक्यूआइ में कमी (2017 के मुकाबले) 8.14 प्रतिशत
  • पहले पांच दिनों में पिछले एक्यूआइ का प्रभाव 93.3 प्रतिशत
  • 16वें दिन तक पिछले एक्यूआइ का प्रभाव 81.1 प्रतिशत
  • एक्यूआइ में बदलाव में तापमान की हिस्सेदारी 13.2 प्रतिशत
  • नवंबर में बहुत खराब श्रेणी के दिन 53.8 प्रतिशत
  • नवंबर में गंभीर श्रेणी के दिन 24.6 प्रतिशत
  • जुलाई में संतोषजनक हवा वाले दिन 62.7 प्रतिशत
  • अगस्त में संतोषजनक हवा वाले दिन 60.5 प्रतिशत

शोधकर्ताओं ने सार्वजनिक परिवहन मजबूत करने, इलेक्ट्रिक बसों और टैक्सियों का इस्तेमाल बढ़ाने तथा पराली जलाने पर रोक के लिए राज्यों के बीच बेहतर तालमेल की सिफारिश की है। अध्ययन में यह भी कहा गया है कि यातायात, औद्योगिक गतिविधियों और पराली जलाने जैसे उत्सर्जन स्रोतों को शामिल कर आगे और शोध की जरूरत है।

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