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दिल्ली-NCR में AQI 300 पार, GRAP-1 लागू; किन-किन चीजों पर बैन?

Published: Wed, 21 Oct 2026 03:55 PM (IST)

दिल्ली-एनसीआर में मौसम बदलते ही हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई है, कई इलाकों में AQI 300 के पार 'खराब' श्रेणी ...और पढ़ें

प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार का एक्शन प्लान

प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार का एक्शन प्लान

HighLights

  1. दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार।

  2. प्रदूषण बढ़ने पर GRAP-1 चरण तुरंत लागू।

  3. बिना PUCC पर 10 हजार का चालान कटेगा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजधानी और आसपास के इलाकों में मौसम बदलते ही हवा का असर सेहत पर पड़ने लगा है। दिन में धूप और रात में हल्की ठंड के बीच प्रदूषण का लेवल तेजी से बढ़ रहा है।

दिल्ली-NCR के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार यानी 'खराब' श्रेणी में दर्ज किया गया है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है और ग्रैप (GRAP) का पहला चरण तुरंत प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने दावा किया कि सालों में यह पहली बार है जब सीजन में इतनी देर से ग्रैप (GRAP) लागू किया गया है।

ठंड की दस्तक और जहरीली हवा की वजह

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में रात का तापमान 18 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। तापमान में गिरावट और शाम होते ही हवा की रफ्तार सुस्त पड़ने से गाड़ियों का धुआँ और धूल जमीन के करीब ही फंस रहे हैं।

CPCB के आंकड़ों के मुताबिक पूसा, पंजाबी बाग और ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क जैसे इलाकों में प्रदूषण का स्तर काफी चिंताजनक है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सुबह-शाम की सैर से बचने और मास्क का इस्तेमाल करने की सलाह दी है।

GRAP-1 लागू होते ही क्या बदला?

  • निर्माण और तोड़फोड़ की जगह पर एंटी-स्मॉग गन का इस्तेमाल जरूरी है।
  • होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट के तंदूर में कोयला या लकड़ी जलाने पर सख्त रोक रहेगी।
  • सड़कों पर धूल उड़ने से रोकने के लिए पानी का छिड़काव और मशीनों से सफाई तेज कर दी गई है।
  • खुले में कचरा या सूखे पत्ते जलाने वालों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार का एक्शन प्लान

पर्यावरण मंत्रालय के अनुसार, प्रदूषण नियंत्रण के लिए 30 अलग-अलग एजेंसियां एक साथ मैदान में उतरी हैं। 1 नवंबर से मेट्रो को छोड़कर अन्य पार्किंग फीस दोगुनी करने की तैयारी है। इसके अलावा, ट्रैफिक जाम और धूल से निपटने के लिए सड़कों की मरम्मत और AI आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम की मदद ली जा रही है।

नियम तोड़े तो 10 हजार का चालान

बढ़ते प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए सड़कों पर सख्ती बढ़ा दी गई है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने बिना वैध पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUCC) के दौड़ने वाली गाड़ियों के खिलाफ सघन जांच अभियान शुरू किया है। अगर गाड़ी का पीयूसी कट चुका है या नहीं है, तो सीधे 10,000 रुपये का चालान काटा जाएगा।

ग्रेप-1 में किए गए प्रावधान

  1. धूल निवारण के उपाय लागू हों (निर्माण एवं विध्वंस (सीएंडडी)सामग्री और अपशिष्टों को सही ढंग से संग्रहीत और ठीक से ढका जाए, सीएंडडी सामग्री/अपशिष्टों का परिवहन केवल ढके हुए वाहनों में हो, एंटी-स्मॉग गनों के लिए मानक, पानी छिड़काव आदि) और सीएनडी गतिविधियों में तथा सीएनडी अपशिष्ट के ध्वन्यात्मक पर्यावरणीय प्रबंधन को सुनिश्चित करना।
  2. ऐसे सीएनडी प्रोजेक्ट्स के संबंध में जिनका प्लाट आकार 500 वर्गमीटर या उससे अधिक है, यदि वे संबंधित राज्य/राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली प्रशासन के ‘वेब पोर्टल’ पर पंजीकृत नहीं हैं और/या जो उपर्युक्त सांविधिक निर्देशों के अनुसार धूल निवारण उपायों के रिमोट मॉनिटरिंग के अन्य आवश्यकताओं को पूरा नहीं करते हैं, तो उन पर सीएनडी गतिविधियों पर रोक।
  3. समर्पित डम्प साइटों/औद्योगिक क्षेत्रों से नगर कठोर अपशिष्ट (एमएसडब्ल्यू), सीएनडी अपशिष्ट, औद्योगिक और खतरनाक अपशिष्टों का नियमित उठान सुनिश्चित करना और कोई भी अपशिष्ट खुले भूमि क्षेत्रों में अवैध रूप से न फेंका जाए।
  4. सड़कों पर आवधिक यांत्रिक स्वच्छता और पानी छिड़काव तथा संकलित धूल का वैज्ञानिक निपटान निर्धारित साइटों/लैंडफिल्स में सुनिश्चित करना।
  5. सड़क निर्माण/विस्तार/मरम्मत परियोजनाओं और रखरखाव गतिविधियों में एंटी-स्मॉग गनों, पानी छिड़काव और धूल दबाने के उपायों के उपयोग को तेज करना।
  6. जैव-ईंधन और नगर कठोर अपशिष्ट के खुले में जलाने पर सख्त प्रतिबंध लागू करें। उल्लंघनों पर अधिकतम दंड लागू करना।
  7. यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी निगरानी रखें कि लैंडफिल साइटों/डम्प साइट्स में कोई जलने की घघटनाएं न हों।
  8. यातायात के प्रवाह को समन्वयित करें और सभी पहचाने गए गलियारों पर भारी यातायात, भीड़-भाड़ वाले स्थानों/चौराहों पर यातायात के सुचारू प्रवाह के लिए पर्याप्त कर्मी तैनात करना।
  9. वाहनों के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) मानदंडों का सख्ती से पालन और प्रवर्तन सुनिश्चित करें और दृश्यमान रूप से प्रदूषित वाहनों को कब्जे में लेकर और/या अधिकतम जुर्माना लगाकर रोकना।
  10. दिल्ली के लिए गैर-निर्धारित ट्रक यातायात को पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के माध्यम से मोड़ने के बारे में सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सख्ती से लागू करना।

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