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सावधान हो जाएं दिल्ली के माता-पिता! 11 साल में 5559 बच्चे लापता, 695 का अब तक सुराग नहीं

Published: Wed, 01 Apr 2026 10:49 PM (IST)

दिल्ली पुलिस पिछले 11 सालों में 695 लापता बच्चों को नहीं ढूंढ पाई है, जबकि कुल 53,977 लोग अभी भी ...और पढ़ें

दिल्ली पुलिस पिछले 11 सालों में 695 लापता बच्चों को नहीं ढूंढ पाई है। इमेज एआई जेनरेटेड

दिल्ली पुलिस पिछले 11 सालों में 695 लापता बच्चों को नहीं ढूंढ पाई है। इमेज एआई जेनरेटेड

HighLights

  1. 11 साल में 695 बच्चे दिल्ली से लापता, नहीं मिले।

  2. कुल 53,977 लोग अभी भी दिल्ली में गुमशुदा हैं।

  3. मानव तस्करी से हजारों नाबालिगों को बचाया गया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में मानव तस्करी हमेशा से दिल्ली पुलिस के लिए बड़ी चुनौती रही है। 2015 से 2025 तक यानी 11 साल के दिल्ली पुलिस के जिपनेट आंकड़ों को देखा जाए तो 18 वर्ष तक के 5559 बच्चे व किशोर लापता हो गए थे, जिनमें 4864 को ही पुलिस ढूंढ पाई।

करीब 695 बच्चों व किशोरों को 11 साल बाद भी पुलिस नहीं ढूंढ पाई है। इन 11 साल के सभी आयु वर्ग के आंकड़ों को देखा जाए तो राजधानी से कुल 2,55,432 लोग लापता हुए, जिनमें 2,01,455 लोगों को पुलिस ने ढूंढ लिया। 53,977 लोग अभी तक लापता हैं।

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यानी एक माह से सभी आयु वर्ग के ओवर आल आंकड़े को देखा जाए तो इन 11 साल के दौरान हर रोज दिल्ली से करीब 63 लोग लापता हुए। ये आंकड़े दिल्ली वासियों के लिए परेशान व हैरान करने वाले हैं। लापता बच्चे अथवा अन्य लोग आखिर कहां गायब हो जाते हैं?

पुुलिस के लिए इस बारे में पता लगाना वर्षों से चुनौती बनी हुई है। यह स्थिति तब है जब लापता लोगों को ढूंढने के लिए क्राइम ब्रांच के अंतर्गत मानव तस्करी नाम से एक अलग सेक्शन है जो सालभर गुमशुदा लोगों व मानव तस्करों के बारे में पता लगा उन्हेें पकड़ने के लिए काम करता है।

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राजधानी से गायब होने वाले अधिकांश बच्चे भले ही मानव तस्करी करने वाले गिरोह के शिकार नहीं होते हैं लेेकिन उन्हें दिल्ली में कई राज्यों से तस्करी करके लाया जाता है।

बाल अधिकारों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए काम करने वाली देशव्यापी संस्था जस्ट राइट्स फार चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रविकांत की मानें तो एक अप्रैल 2023 से 29 जनवरी 2026 तक दिल्ली में ट्रैफिकिंग के शिकार हुए 6,759 नाबालिगों को मुक्त कराया गया, जिनमें 2,134 लड़कियां और 3,281 लड़के शामिल थे।

इस अवधि में दिल्ली में 2, 407 मानव तस्करी के केस दर्ज हुए। ये बच्चे, यूपी, बिहार, झारखंड व बंगाल आदि राज्यों से लाए गए थे।

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रविकांत का कहना है कि देशव्यापी आंकड़ा चिंताजनक भी है क्योंकि संस्था के नेटवर्क से जुड़े 250 से ज्यादा सहयोगी संगठनों ने एक अप्रैल 2023 से 29 जनवरी 2026 के बीच 1,25,408 बच्चों को मानव तस्करी गिरोहों के चंगुल से छुड़ाया गया। इस दौरान 56,459 मानव तस्करी के केस दर्ज कराए गए।

मुक्त कराए गए बच्चों में 28,797 लड़कियां व 67,387 लड़के थे। ये न तो स्वजन से बिछ़ड़े थे और न ही मर्जी से भागे थे। ये लालच, धोखे और धमकी के कारण गिरोहों के जाल में फंस गए थे।

लापता बच्चों के मामले में पुलिस की तरफ से एसओपी

  • लापता बच्चों को ढूंढने के लिए दिल्ली पुलिस की तरफ से एक स्टैंडर्ड आपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) बनी हुई है।22 अप्रैल 2022 को बनाई गई एसओपी में निम्न बातें कही गई है:-
  • थानों में बच्चों या बड़ों के गायब होने की शिकायत लेकर आने वालों के लिए फैसिलिटेशन डेस्क की सुविधा हो, जिसे जिले के डीसीपी सुनिश्चित करें...
  • सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत खोजबीन शुरू कर दे...क्योंकि शुरूआती 48 घंटे खास होते हैं। नहीं मिलने पर थाना पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट को अपहरण में तब्दील कर जांच शुरू कर दें।
  • 18 साल से कम उम्र के लापता बच्चाें के मामले में केस दर्ज करना अनिवार्य है।

केस दर्ज होने के बाद पुलिस के कार्य

  • डीडी एंट्री या एफआइआर की सूचना तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को दें। स्टेट क्राइम रिकार्ड ब्यूरो व नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो को भी इसकी जानकारी अनिवार्य रूप से दें। 24 घंटे के अंदर जिपनेट पर सभी सूचनाओं को अपलोड करें।
  • आल इंडिया लेवल पर 12 घंटे के भीतर मैसेज फ्लैश करें, जिसमें लापता के बारे में विस्तार से सभी जानकारी व फोटो हाे
  • मिसिंग चिल्ड्रेन इनफार्मेशन फार्म भर कर 24 घंटे के भीतर डिस्ट्रिक मिसिंग पर्सन स्क्वायड और क्राइम ब्रांच के मिसिंग पर्सन स्क्वायड को भेजे
  • जांच अधिकारी 48 घंटे में अहम स्थानों पर नोटिस सर्कुलेट करें। मुखबिर सक्रिय करें। आखिरी बार बच्चा जहां दिखा वहां पूछताछ करें।
  • चार घंटे के भीतर बार्डर चेक पोस्ट को अलर्ट करें। बच्चों के गायब होने पर चेक पोस्ट स्टाफ भी संदिग्धों से पूछताछ करेें
  • एक हफ्ते के अंदर मीडिया के जरिये पब्लिसिटी करें

थाने के पुलिसकर्मियाें की ड्यूटी

इंस्पेक्टर इंवेस्टिगेशन बच्चे को खोजने के प्रयासों का रिकार्ड रखेंगे। एसएचओ सप्ताह और एसीपी 15 दिन में एक बार रिव्यू करेंगे

पुलिसकर्मियों के लिए इनाम का है प्रविधान

लापता बच्चों को ढूंढने के लिए पुलिसकर्मियों को प्रेरित करने के लिए इनाम का प्रविधान है। सिपाही से एएसआइ को एक साल में 18 वर्ष से कम उम्र के 80 या उससे ज्यादा बच्चे, जिनमें 25 बच्चे 14 साल से कम उम्र के होने चाहिए, ढूंढने पर आउट आफ टर्न प्रमोशन देने का प्रविधान है।

ऐसे करें लापता बच्चों के मामलें में शिकायत

  • लापता बच्चों के मामले में पीड़ितों के लिए शिकायत करने के कई प्लेटफार्म हैं।
  • 112 नंबर पर या 1090 पर डायल करके कर सकते हैं।
  • इसके अलावा सीधे थाने जाकर, 23241210 या 1094 पर काल कर, इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म के जरिये, फैक्स, ईमेल, एसएमएस, वाट्सएप, पुलिस वेब पोर्टल या फाेन एप के जरिये

दिल्ली में 18 साल आयु वर्ग के लापता बच्चों के आंकड़े

वर्ष लड़के लड़कियाँ
2020 186 142
2021 247 210
2022 246 166
2023 272 192
2024 186 128
2025 217 143

18 साल के आयु वर्ग के बरामद बच्चों के आंकड़े

वर्ष लड़के लड़कियाँ
2020 164 124
2021 217 174
2022 204 137
2023 216 145
2024 141 189
2025 124 90

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