विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली के 11 थानों में पहली बार तैनात हुईं महिला इंस्पेक्टर, आस्था कुंज कांड के बाद उठाया बड़ा कदम

Published: Fri, 25 Sep 2026 11:16 PM (IST)

आस्था कुंज घटना को गंभीरता से लेते हुए दिल्ली पुलिस ने महिला सुरक्षा बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। ...और पढ़ें

बोंटा पार्क में औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था व प्रकाश व्यवस्था का जायजा लेते उपराज्यपाल। साथ में मौजूद जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट। सौजन्य : लोक निवास

बोंटा पार्क में औचक निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था व प्रकाश व्यवस्था का जायजा लेते उपराज्यपाल। साथ में मौजूद जिला पुलिस उपायुक्त निहारिका भट्ट। सौजन्य : लोक निवास

HighLights

  1. आस्था कुंज घटना के बाद महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान।

  2. दिल्ली के 11 थानों में पहली बार महिला इंस्पेक्टर तैनात।

  3. पीड़ित महिलाएं अब बेझिझक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगी।

राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। आस्था कुंज की वारदात को बेहद गंभीरता से लेते हुए उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू और पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार के निर्देश पर दिल्ली के थानों में अब अधिक से अधिक संख्या में महिला इंस्पेक्टरों की तैनाती शुरू कर दी गई हैं। वर्तमान में दिल्ली के 239 थानों में महज 10 थानों में महिला इंस्पेक्टरों की तैनाती है, लेकिन महिला सुरक्षा के मद्देनजर आयुक्त ने अब अधिकतर थानों में महिला इंस्पेक्टरों को तैनात करना शुरू कर दिया है।

पीड़िता बेझिझक महिला इंस्पेक्टरों कह सकेंगी पीड़ा

इस क्रम में शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी आदेश में 11 थानों में पहली बार महिला इंस्पेक्टरों को तैनात किया गया है। हर थाने में एसएचओ के साथ दो अन्य इंस्पेक्टरों की भी तैनाती रहती हैं जिनमें एक को मुकदमों की जांच पड़ताल व माॅनिटरिंग और दूसरे पर इलाके की कानून व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी रहती है।

ये महिला इंस्पेक्टर थानों में एसएचओ के साथ काम करेंगे। इन्हें महिलाओं से संबंधित आपराधिक मामलों की जांच में लगाया जाएगा। आयुक्त का मानना है कि महिला इंस्पेक्टरों की तैनाती से महिलाओं से संबंधित अपराध के मामले में पीड़ितों की शिकायत तुरंत सुनी जाएगी। पीड़िता बेझिझक महिला इंस्पेक्टरों के सामने अपनी शिकायतें रख सकेंगी।

दिल्ली पुलिस में महिलाएं हैं कम

पुलिस अधिकारी का कहना है कि दिल्ली पुलिस में महिला इंस्पेक्टरों की संख्या कम है। जितनी है भी वे एक्टिव पुलिसिंग यानी थानों में ड्यूटी करने से कतराती थीं। महिला इंस्पेक्टर, अमूमन महिला एवं बाल सुरक्षा यूनिट, महिला अपराध शाखा, आर्म्ड फोर्स जिसे बटालियन पुलिस के नाम से जाना जाता है और ट्रैफिक, मेट्रो, पीसीआर, विजिलेंस, अधिकारियों के कार्यालयों व अन्य जगहों तैनाती कराती थीं, लेकिन अब उन्हें वहां से निकालकर थानों में तैनाती करना शुरू कर दिया गया है। दरअसल, दिल्ली पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या वैसे ही काफी कम है।

महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 33 प्रतिशत करने का प्रयास

2012 में निर्भया केस के दौरान दिल्ली पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या करीब छह प्रतिशत हुआ करती थी। दिल्ली पुलिस की कुल क्षमता करीब 93 हजार है। निर्भया की घटना के बाद केंद्र सरकार और तत्कालीन पुलिस आयुक्त की ओर से दावे किए गए थे जल्द ही अब दिल्ली पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 33 प्रतिशत हो जाएगी।

करीब 14 साल तक काफी कोशिश करने के बावजूद दिल्ली पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या महज 12-13 प्रतिशत ही हो पाई है। दिल्ली पुलिस में महिला सब इंस्पेक्टरों की संख्या भी कम है।

2010 बैच की जिन महिला इंस्पेक्टरों को तैनात किया गया है उन्हें हाल में ही सब इंस्पेक्टर से पदोन्नत किया गया है। किस यूनिट और किन-किन अधिकारियों के कार्यालय में कितने कितने महिलाकर्मी तैनात हैं इसकी लगातार सूची तैयार की जा रही है। जल्द उन्हें थानों में भेजा जाएगा।

किस महिला इंस्पेक्टर ने कौन सा थाना संभाला?

वंदना तिमारपुर

संगीता

पंजाबीबाग

अनीता कुमारी 

रंजीत नगर

रेखा रानी  शाहदरा
मुनेश देवी दयालपुर
अनिता कुमार ख्याला
खिलौनी देवी आदर्श नगर
एकता साउथ रोहिणी
आंचल यादव लोधी काॅलोनी
संजू राय  टिगड़ी
पूरा सारस्वत  आईपी एस्टेट

यह भी पढ़ें- आस्था कुंज गैंगरेप के बाद भी नहीं जागीं सिविक एजेंसियां, दिल्ली में 164 डार्क स्पाट जस के तस

यह भी पढ़ें- 'आसिफ भाई, गन निकाल...', आस्था कुंज पार्क गैंगरेप केस में पीड़िता ने बयां की दरिंदगी की दास्तां