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महिला उद्यमी के दस्तावेजों पर 7.30 लाख का फर्जी बिजनेस लोन, दिल्ली पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफाश

Published: Sat, 03 Oct 2026 11:17 PM (IST)

उत्तरी जिले की साइबर पुलिस ने एक महिला उद्यमी के पैन, जीएसटी और हस्ताक्षर का दुरुपयोग कर 7.30 लाख रुपये ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. महिला उद्यमी के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर 7.30 लाख का फर्जी लोन।

  2. उत्तरी जिले की साइबर पुलिस ने मुख्य आरोपी साहिल को सोनीपत से दबोचा।

  3. गिरोह टेलीग्राम ग्रुप के जरिए फर्जी लोन दिलाने का झांसा देता था।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। महिला उद्यमी के पैन, जीएसटी, हस्ताक्षर समेत कंपनी के दूसरे दस्तावेज का गलत इस्तेमाल कर उसके नाम पर दूसरे व्यक्ति के लिए 7.30 लाख रुपये का बिजनेस लोन कराने वाले गिरोह का उत्तरी जिले की साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है।

पुलिस ने मामले में साहिल को सोनीपत के नाहरा गांव से गिरफ्तार किया है। एक महिला आरोपित को भी मामले में पाबंद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपित टेलीग्राम ग्रुप के जरिये लोगों को लोन दिलाने का झांसा देते थे। लोन के लिए जरूरी दस्तावेज हासिल कर उनका दुरुपयोग करते थे।

खास यह है कि एक महिला उद्यमी के दस्तावेज का इस्तेमाल कर उसकी कंपनी के नाम पर 7.30 लाख का बिजनेस लोन करा लिया गया, जबकि महिला को इसकी जानकारी तक नहीं थी। लोन मंजूर होने के बाद आरोपित रकम का करीब 30 प्रतिशत कमीशन के तौर पर लेते थे।

जांच में साहिल से जुड़े बैंक खातों में 5.3 करोड़ से अधिक के डेबिट-क्रेडिट ट्रांजैक्शन मिले हैं। पुलिस को इन बैंक खातों से जुड़ी छह साइबर फ्राड की शिकायतें भी मिली हैं। इससे पुलिस को आशंका है कि आरोपित पहले भी ऐसी धोखाधड़ी में शामिल रहा है।

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उसके छह अन्य बिजनेस लोन और करीब 50-60 इंस्टेंट लोन कराने में भूमिका की भी जांच की जा रही है।

ऐसे सामने आया फर्जीवाड़ा

बुराड़ी निवासी महिला उद्यमी मई 2022 से 'मेडिनेक्स हर्बो केयर' नाम से कारोबार कर रही हैं। उन्हें जुलाई 2025 में फोन से जानकारी मिली कि उनकी कंपनी के नाम पर दिसंबर 2023 में 7.30 लाख का लोन लिया गया है।

शुरुआत में उन्होंने इसे फर्जी काल समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन जनवरी 2026 में जब उन्होंने बेटी की शिक्षा के लिए लोन आवेदन किया तो उन्हें पता चला कि उनके नाम पर लिए गए बिजनेस लोन के कारण उनका सिबिल स्कोर प्रभावित हुआ है।

तब उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दी। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि लोन की रकम महिला के नाम पर खुले कोटक महिन्द्रा बैंक के खाते में आई थी। रकम में से एक लाख रुपये साहिल से जुड़े दो बैंक खातों में 50-50 हजार रुपये करके ट्रांसफर किए गए थे। लोन आवेदन में इस्तेमाल ईमेल का आइपी एड्रेस भी साहिल से जुड़ा मिला।

100 मोबाइल नंबरों और IMEI की जांच

जांच के दौरान 100 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और आइएमइआइ की निगरानी की। सीडीआर, आइपी लाग और खातों में हुए लेनदेन की जांच की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर साहिल की पहचान हुई और उसे सोनीपत से दबोच लिया।

साहिल टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से लोगों को लोन दिलाने का झांसा देता था। वह लोन के लिए दस्तावेज हासिल करने के बाद उनका इस्तेमाल करता था। पुलिस ने 19 सितंबर को द्वारका के कैलाशपुरी में छापेमारी कर नीतू सिंह को भी मामले में पाबंद किया है।

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