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चारा घोटाला में जब्त 1.33 करोड़ सरकार के पास होगी जमा, प्रमोद धानुका से जब्त 9.64 लाख रुपये वापस करे सीबीआई

Published: Fri, 02 Oct 2026 10:00 PM (IST)

चारा घोटाले में सरकारी गवाह दीपेश चांडक से जब्त 1.33 करोड़ रुपये अब झारखंड सरकार के पास जमा होंगे। वहीं ...और पढ़ें

चारा घोटाले में सुनवाई के बाद सीबीआइ कोर्ट ने दिया आदेश, 1.33 करोड़ झारखंड सरकार को जाएगी।

चारा घोटाले में सुनवाई के बाद सीबीआइ कोर्ट ने दिया आदेश, 1.33 करोड़ झारखंड सरकार को जाएगी।

HighLights

  1. 1.33 करोड़ रुपये 29 साल बाद झारखंड सरकार को मिलेंगे।

  2. प्रमोद धानुका को 9.64 लाख रुपये वापस करने का आदेश।

  3. योगेश चौधरी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज हुई।

राज्य ब्यूरो, रांची। चारा घोटाले के सरकारी गवाह दीपेश चांडक से जब्त की गई 1.33 करोड़ रुपये की राशि 29 साल बाद अब झारखंड सरकार के पास जमा होगी। सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश अखिलेश कुमार तिवारी की अदालत ने इस राशि को झारखंड सरकार को भुगतान करने का आदेश दिया है।

यह राशि चारा घोटाले के अनुसंधान के दौरान सात और 10 जनवरी 1997 को दीपेश चांडक के आवास से बरामद की गई थी। सीबीआइ के अनुसार, चांडक पर वर्ष 1981 से 1994 के बीच फर्जी आवंटन पत्र, आपूर्ति विपत्र और बिल के आधार पर तत्कालीन बिहार के विभिन्न कोषागारों से 95.99 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का आरोप था।

इस संबंध में चारा घोटाले के कांड संख्या आरसी 52ए/96 में जांच के दौरान उक्त राशि जब्त की गई थी। अदालत के आदेश पर चार जनवरी 2022 को इसे सरकारी बैंक खाते में जमा कराया गया था। दीपेश चांडक ने अब तक इस राशि पर अपना दावा नहीं किया।

सुनवाई के दौरान सीबीआइ के अधिवक्ता ने क्रिमिनल ला अमेंडमेंट एक्ट, 1944 की धारा 4 और 5 के तहत राशि झारखंड सरकार को सौंपने को कहा। उन्होंने आरसी 20ए/96 में 30 सितंबर 2013 को आए फैसले का भी हवाला दिया, जिसमें बिना दावे वाली जब्त संपत्ति संबंधित राज्य सरकार को देने का निर्देश था।

अदालत ने सरकारी गवाह दीपेश चांडक का पक्ष भी सुना। उन्होंने राशि पर कोई दावा नहीं किया। इसके बाद अदालत ने पूरी राशि झारखंड सरकार के पक्ष में भुगतान करने का आदेश पारित किया।

जब्त 9.64 लाख रुपये सीबीआई को वापस करने का निर्देश