विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

अश्लील वीडियो भेजकर गुरुद्वारे के सेवादार से ठगे 15 लाख, दिल्ली पुलिस ने मेवात से गिरोह के चार शातिर दबोचे

Published: Thu, 15 Oct 2026 02:41 PM (IST)

उत्तरी जिला साइबर पुलिस ने मेवात से संचालित एक सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने गुरुद्वारे के सेवादार से 15 लाख रुपये ठगे थे।

पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना इमरान खान समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना इमरान खान समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। 

HighLights

  1. मेवात से सेक्सटॉर्शन गिरोह का पर्दाफाश, चार गिरफ्तार।

  2. गुरुद्वारे के सेवादार से 15 लाख रुपये की ठगी।

  3. पुलिस, यूट्यूब प्रतिनिधि बनकर करते थे ब्लैकमेल।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तरी जिला साइबर थाना पुलिस ने मेवात क्षेत्र से संचालित होने वाले एक सुसंगठित 'सेक्सटॉर्शन' साइबर-अपराध गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के सरगना इमरान खान समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पुलिस अफसर और यूट्यूब प्रतिनिधि बनकर लोगों को सेक्सटॉर्शन (अश्लील वीडियो कॉल व ब्लैकमेलिंग) के जाल में फंसाकर लाखों रुपये की उगाही करता था।

कैसे पहुंची पुलिस तक गिरोह की कारस्तानी?

शिकायतकर्ता मंजीत सिंह (एक गुरुद्वारे के सेवादार) के व्हाट्सएप पर एक अश्लील वीडियो भेजा गया। इसके तुरंत बाद, खुद को गुड़गांव पुलिस का अधिकारी और यूट्यूब का प्रतिनिधि बताने वाले साइबर ठगों ने उन्हें फोन किया। ठगों ने पीड़ित पर अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। यूट्यूब, फेसबुक से वीडियो हटाने और एफआईआर से नाम निकालने के नाम पर गिरफ्तारी की धमकी देकर पीड़ित से पैसे मांगे गए।

कुल 15 लाख रुपये ठगों को दे दिया

डर और दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने 11 सितंबर 2025 से 27 सितंबर 2025 के बीच अपने और अपने भांजे के खातों से कई बार में कुल 15 लाख ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए। बाद में रिश्तेदार से बात करने पर जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने 'नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930)' और साइबर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस ने कैसे तलाशे ठगी के 'तार'?

उत्तरी जिले के डीसीपी के मुताबिक, पुलिस टीम ने लगभग 100 संदिग्ध मोबाइल नंबरों और आईएमआई की गहराई से जांच की। कॉल डेटा (सीडीआर) और आईपी लॉग्स की मदद से ठगों की लोकेशन राजस्थान के डीग (मेवात क्षेत्र) के गांव कलतारिया और आसपास के इलाकों में पाई गई। जांच में पता चला कि पीड़ित से ठगे गए 15 लाख अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए थे।

  • 1.80 लाख अलवर के अंकित सैन के एक्सिस बैंक खाते में गए।
  • 4.42 लाख लुधियाना के मो. सारिक खान के यूनीयन बैंक व आईसीआईसीआई बैंक खातों में गए।
  • 1.00 लाख लुधियाना के तसलीम राजा के सीएसबी बैंक खाते में भेजे गए।

इन सभी खातों में जमा हुए पैसों को तुरंत एटीएम, चेक या एनईएफटी के जरिए निकाल लिया जाता था ताकि बैंक खाते फ्रीज न हों।

लोगों को कैसे चुनते थे शिकार के लिए? 

'फ्रेंड्स सर्च' ऐप का इस्तेमाल कर किसी विशेष शहर या इलाके के मोबाइल नंबर खोजे जाते थे। इसके बाद पीड़ित को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया जाता था।

इसमें कॉल करने वाले फोन के पीछे एक दूसरा फोन रखकर पहले से रिकॉर्ड किया गया अश्लील वीडियो चलाया जाता था, जिससे लगे कि सामने वाला व्यक्ति सच में बात कर रहा है।

साथ ही, इस कॉल को रिकार्ड कर लिया जाता था। इसके बाद गिरोह का सदस्य (यासिर) पुलिस अफसर या यूट्यूब अधिकारी बनकर पीड़ित को कॉल करता था और एफआईआर दर्ज होने व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठता था।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची व भूमिका

  • इमरान खान (जुरहेड़ा, डीग, राजस्थान): यह गिरोह का सदस्य है। यह फर्जी सिम कार्ड, मोबाइल और किराए के (Mule) बैंक खाते व्यवस्थित करता था तथा एटीएम से पैसे निकालकर अन्य साथियों तक पहुंचाता था।
  • समद खान (लुधियाना, पंजाब): यह बैंक खातों का इंतजाम करने वाला मुख्य जरिया था। इसने मो. सारिक और तसलीम राजा के खाते इमरान से जुड़वाए। (इमरान और तसलीम की मुलाकात ऑनलाइन पब्जी गेम के दौरान हुई थी)।
  • अंकित सैन (अलवर, राजस्थान): इसने 3,500 के लालच में अपना एक्सिस बैंक खाता गिरोह को इस्तेमाल के लिए दिया था।
  • तसलीम राजा (लुधियाना, पंजाब): इसने कमीशन के लालच में अपना सीएसबी बैंक खाता और एटीएम कार्ड इमरान को सौंप दिया था।

अब भी यासिर नाम का आरोपित है फरार

पुलिस ने इनके पास से तीन मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरोह के इन बैंक खातों का लिंक देश के विभिन्न राज्यों से आई 15 अन्य साइबर शिकायतों से भी जुड़ा पाया गया है। इन संदिग्ध खातों में अब तक एक करोड़ से अधिक का क्रेडिट/डेबिट लेनदेन देखा गया है। पुलिस इस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों (जैसे यासिर) की तलाश कर रही है और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों को जोड़कर अन्य मामलों का पता लगाने में जुटी है।

यह भी पढ़ें- दिल्ली के नांगलोई में सन्नाटे के बीच गूंजी चीखें, पत्नी पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार कर भाग निकला पति

यह भी पढ़ें- दिल्ली में स्कूटर सवार शाहिद पर चाकू से ताबड़तोड़ वार, हत्या के बाद एक बाइक पर फरार हुए चार हमलावर; Viedo जारी