अश्लील वीडियो कॉल से ब्लैकमेल करने वाले 'सेक्सटॉर्शन' गिरोह का भंडाफोड़, चार आरोपी दबोचे गए
उत्तरी दिल्ली पुलिस ने मेवात क्षेत्र से संचालित एक बड़े 'सेक्सटॉर्शन' गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह अश्लील वीडियो ...और पढ़ें

अश्लील वीडियो कॉल से ब्लैकमेल करने वाले 'सेक्सटॉर्शन' गिरोह का भंडाफोड़ ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
मेवात से संचालित 'सेक्सटॉर्शन' गिरोह का पर्दाफाश।
पुलिस अधिकारी बनकर करते थे ब्लैकमेलिंग।
सरगना इमरान खान सहित चार आरोपी गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। उत्तरी जिला के साइबर सेल थाना पुलिस ने मेवात क्षेत्र से संचालित होने वाले एक संगठित ''सेक्सटार्शन'' साइबर अपराध गिरोह का पर्दाफाश कर गिरोह के सरगना इमरान खान समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किय है।
यह गिरोह पुलिस अफसर और यूट्यूब प्रतिनिधि बनकर लोगों को सेक्सटार्शन (अश्लील वीडियो काल व ब्लैकमेलिंग) के जाल में फंसाकर उनसे उगाही करता था।
बारी-बारी से सभी को गई कॉल
संयुक्त आयुक्त मधुर वर्मा के मुताबिक, शिकायतकर्ता मंजीत सिंह (एक गुरुद्वारे में सेवादार) के वाट्सएप पर पहले अश्लील वीडियो भेजा गया। उसके बाद एक आरोपितों ने गुरुग्राम पुलिस का अधिकारी और यूट्यूब का प्रतिनिधि बताकर उन्हें बारी-बारी से कॉल कर अश्लील वीडियो के बारे में उनसे पूछताछ की।
ठगों ने पीड़ित पर अश्लील वीडियो देखने का झूठा आरोप लगाते हुए कहा कि उनके खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। यूट्यूब, फेसबुक से वीडियो हटाने और एफआइआर से नाम निकालने के नाम पर पीड़ित से मोटी रकम की मांग की गई। नहीं देने पर गिरफ्तार कर लिए जाने की धमकी दी गई।
साइबर थाने में दर्ज कराई शिकायत
डर और दबाव में आकर शिकायतकर्ता ने 11 सितंबर 2025 से 27 सितंबर 2025 के बीच अपने और अपने भांजे के खातों से कई बार में कुल 14.63 लाख ठगों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
बाद में रिश्तेदार से बात करने पर जब उन्हें ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 और साइबर थाने में शिकायत दर्ज करा दी।
केस दर्ज करने के बाद पुलिस टीम ने 100 से अधिक संदिग्ध मोबाइल नंबरों और आईएमआई की गहन जांच की। कॉल डिटेल रिकॉर्ड और आइपी लाग्स की मदद से ठगों की लोकेशन राजस्थान के डीग (मेवात क्षेत्र) के गांव कलतारिया और आसपास के इलाकों में पाई गई।
जांच में पता चला कि पीड़ित से ठगे गए रुपये अलग-अलग बैंक खातों में भेजे गए थे। 1.80 लाख अलवर के अंकित सैन के एक्सिस बैंक खाते, 4.42 लाख लुधियाना के मोहम्मद सारिक खान के यूनीयन बैंक व आइसीआइसीआई बैंक खातों और एक लाख लुधियाना के तसलीम राजा के सीएसबी बैंक खाते में भेजे गए।
इस तरह से लिया थ झांसे में
इन सभी खातों में जमा हुए पैसों को तुरंत एटीएम, चेक या एनईएफटी के जरिए निकाल लिया गया, ताकि बैंक खाते फ्रीज न हों। ये लोग ''फ्रेंड्स सर्च'' एप का इस्तेमाल कर किसी शहर या इलाके के मोबाइल नंबर खोजते थे।
इसके बाद पीड़ित को वाट्सएप वीडियो काल किया जाता था, जिसमें काल करने वाले फोन के पीछे एक दूसरा फोन रखकर पहले से रिकार्ड किया गया अश्लील वीडियो चलाया जाता था, जिससे लगे कि सामने वाला व्यक्ति सच में बात कर रहा है।
साथ ही इस कॉल को रिकॉर्ड कर लिया जाता था। इसके बाद गिरोह का सदस्य (यासिर) पुलिस अफसर या यूट्यूब अधिकारी बनकर पीड़ित को काल करता था और एफआइआर दर्ज होने व वीडियो वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठता था।
गिरफ्तार आरोपितों में इमरान खान (डीग, राजस्थान) का रहने वाला है। यह फर्जी सिमकार्ड, मोबाइल और किराए के म्यूल खाते व्यवस्थित करता था और एटीएम से पैसे निकालकर अन्य साथियों तक पहुंचाता था।
एक करोड़ से अधिक की लेन देन आई सामने
समद खान (लुधियाना) का रहने वाला है। यह बैंक खातों का इंतजाम करता था। इसने मोहम्मद सारिक और तसलीम राजा के खाते इमरान से जुड़वाए। इमरान और तसलीम की मुलाकात ऑनलाइन पब्जी गेम के दौरान हुई थी।
अंकित सैन (अलवर) का रहने वाला है। इसने 3500 के लालच में अपना एक्सिस बैंक खाता गिरोह को इस्तेमाल के लिए दिया था।
इनके कब्जे से तीन मोबाइल और छह सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। गिरोह के बैंक खातों का लिंक विभिन्न राज्यों से आई 15 अन्य साइबर शिकायतों से जुड़ा पाया गया है। इन खातों में अब तक एक करोड़ से अधिक के लेनदेन का पता चला है।
