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दिल्ली में नौकरी का झांसा देकर ठगी करने वाले दो फर्जी कॉल सेंटर पकड़े, 11 गिरफ्तार

Published: Mon, 05 Oct 2026 07:46 PM (IST)

दिल्ली पुलिस ने नौकरी का झांसा देकर युवाओं से ठगी करने वाले दो फर्जी जॉब-प्लेसमेंट कॉल सेंटरों का भंडाफोड़ किया ...और पढ़ें

फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 11 गिरफ्तार।

फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश, 11 गिरफ्तार।

HighLights

  1. दिल्ली में दो फर्जी जॉब-प्लेसमेंट कॉल सेंटर का भंडाफोड़।

  2. नौकरी का झांसा देकर युवाओं से रजिस्ट्रेशन फीस वसूलते थे।

  3. पुलिस ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया, उपकरण बरामद किए।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को ऑनलाइन जाब पोर्टल से मिले डेटा के आधार पर फोन कर नौकरी का झांसा देकर रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस वसूलने वाले गिरोह का मध्य जिले की साइबर थाना पुलिस ने भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने शादीपुर मेट्रो स्टेशन के पास लाल रतन बिल्डिंग में चल रहे दो फर्जी जॉब-प्लेसमेंट कॉल सेंटर पर छापा मारकर 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक सेंटर से चार महिलाओं समेत छह और दूसरे से पांच पुरुष कर्मचारी पकड़े गए हैं।

तलाशी के दौरान दोनों ठिकानों से कुल 13 कंप्यूटर सिस्टम और पांच मोबाइल, कंप्यूटरों में नौकरी चाहने वालों का डेटा समेत अन्य सामग्री बरामद हुई है। पुलिस अब सेंटर संचालकों और मास्टरमाइंड की तलाश के साथ डेटा के स्रोत और यह पता लगा रही है कि गिरोह अब तक कितने लोगों के साथ ठगी कर चुका है।

मध्य जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, आरोपित आनलाइन जाब-सर्च और रिक्रूटमेंट प्लेटफार्म से नौकरी चाहने वालों का व्यक्तिगत डेटा और संपर्क नंबर हासिल करते थे। इसके बाद खुद को रिक्रूटर बताकर फोन करते और आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देते थे।

भरोसा कायम होने पर अलग-अलग पैकेज के नाम पर 1200, 1400 और 3500 रुपये तक रजिस्ट्रेशन फीस मांगी जाती थी। रकम मिलने के बाद कुछ दिनों तक नौकरी और आगे की प्रक्रिया को लेकर उम्मीदवारों से संपर्क बनाए रखा जाता था। बाद में नौकरी दिए बिना संपर्क बंद कर दिया जाता था।

इन आरोपितों को किया गिरफ्तार

तीन अक्टूबर को सूचना मिलने के बाद स्पेशल स्टाफ, रंजीत नगर थाना और साइबर पुलिस थाने की टीमों ने दोनों काल सेंटरों में छापेमारी की। पहले सेंटर में छह लोग नौकरी चाहने वालों से फोन पर संपर्क करते मिले। इनकी पहचान मोहन गार्डन के अर्पित, रघुबीर नगर की सकीना, मीनाक्षी, राजौरी गार्डन की करिश्मा, सुभाष नगर के चंचल और नंद नगरी के अशोक के रूप में हुई है।

वहीं दूसरे सेंटर में पांच कर्मचारी कालिंग करते गिरफ्तार किए गए, जिनकी पहचान करावल नगर के आसिम, प्रताप नगर के संदीप, जहांगीरपुरी के गौरव मलिक, झिलमिल कॉलोनी के ज्ञान सिंह और वेस्ट पटेल नगर के रोहित के रूप में हुई।

'एक्सलाइट' 'वीओआईपी' सॉफ्टवेयर का करते थे इस्तेमाल

तलाशी के दौरान दोनों ठिकानों से कुल 13 कंप्यूटर सिस्टम और पांच मोबाइल बरामद किए गए। कंप्यूटरों में नौकरी चाहने वालों का डेटा, संपर्क विवरण, कालिंग एप्लीकेशन और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिले। एक सेंटर में उम्मीदवारों को इंटरनेट आधारित कॉल करने के लिए 'एक्सलाइट' 'वीओआइपी' सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा था।

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