WhatsApp पर बॉस बनकर कराया ₹2 करोड़ का ट्रांसफर, दिल्ली-लखनऊ से 9 साइबर ठग गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने एक बड़े 'बॉस स्कैम' का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली और लखनऊ से नौ साइबर ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
दिल्ली पुलिस ने 'बॉस स्कैम' में नौ साइबर अपराधी पकड़े।
ठगों ने व्हाट्सएप पर नकली पहचान से दो करोड़ ठगे।
लखनऊ और दिल्ली से हुई गिरफ्तारियां, जांच जारी।
राकेश कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक आपरेशंस (आइएफएसओ) यूनिट ने एक बड़े डिजिटल फ्राड का पर्दाफाश करते हुए दिल्ली और लखनऊ से नौ साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
ये सभी पहली और दूसरी लेयर के खाता धारक हैं जिनके म्यूल बैंक खातों में ठगी की रकम भेजी गई थी। यह मामला सीधे तौर पर ''बास स्कैम'' से जुड़ा है, जहां मुख्य साइबर अपराधी ने वाट्सएप पर कंपनी के सीनियर अधिकारी की नकली पहचान बनाकर अकाउंटेंट को चकमा दिया और दो करोड़ रुपये की भारी-भरकम रकम का अवैध रूप से आरटीजीएस ट्रांसफर करा लिया।
बैंक खाते में ट्रांसफर कराए ₹2 करोड़
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आइएफएसओ संजय भाटिया के मुताबिक गिरफ्तार किए गए आरोपितों के नाम मोहम्मद अयान, मोहम्मद अरवाज, मोहम्मद अमान, यशवंत जांगिद, सतीश कुमार, आकाश कुमार, हुमायूं, आकिफ अली और मोहम्मद फैज है।
इनमें अधिकतर आराेपित लखनऊ के अलग-अलग जगह के रहने वाले हैं और वहीं से अलग-अलग तिथियों में गिरफ्तार भी किए गए। इन सभी के कब्जे से 15 से अधिक मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए एफएसएल में भेज दिया गया है।
यह मामला बीते 22 जुलाई का है। ठगों ने वाट्सएप पर एक नकली अकाउंट बनाकर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी की तरह बर्ताव करते हुए शिकायतकर्ता के सीनियर अकाउंटेंट को निर्देश दिए।
निर्देश में कहा गया कि सिरेमिक टाइल्स के नाम पर इंडसइंड बैंक में हाल ही में खोले गए करंट अकाउंट में तुरंत दो करोड़ रुपये आरटीजीएस के ज़रिए ट्रांसफर किए जाएं। कर्मचारी ने बास का आदेश मानकर बिना किसी पुख्ता पुष्टि के रकम ट्रांसफर करवा दी, जो बाद में पूरी तरह फर्जी और अनधिकृत पाई गई।
ठगों ने पकड़े जाने से बचने के लिए पैसे को तुरंत कई खातों में तेजी से घुमाया और निकाल भी लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी गौरव त्यागी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और बैंक रिकार्ड्स के आधार पर ताबड़तोड़ कार्रवाई की और लखनऊ तथा अन्य स्थानों से अब तक नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
जल्द दाखिल होगी चार्जशीट
जांच के दौरान पुलिस ने कई अहम इलेक्ट्रानिक और बैंकिंग सुबूत बरामद किए हैं। पुलिस धोखाधड़ी से गायब हुई पूरी रकम की रिकवरी और ''मनी ट्रेल'' के अंतिम छोर तक पहुंचने के लिए गहराई से छानबीन कर रही है।
इसके अलावा साहिल, शाहनवाज, दानिश उर्फ जैद, गानीम और तौहीद उर्फ मुंशी जैसे अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस जल्द इस मामले में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी में है।
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