ऑनलाइन गेम खेलकर लाखों जीतो... झांसा देकर पीलीभीत में 102 करोड़ की ठगी, सरगना और नर्सिंग छात्र गिरफ्तार
पीलीभीत में ऑनलाइन गेमिंग का झांसा देकर 102.54 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।

ठगी के गिरोह का सरगना व नर्सिंग छात्र गिरफ्तार।
HighLights
ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर 102.54 करोड़ रुपये की ठगी का खुलासा।
पीलीभीत पुलिस ने सरगना मोहसिन और नर्सिंग छात्र राहुल को किया गिरफ्तार।
गिरोह ने 14 राज्यों के लोगों को फर्जी खातों से बनाया शिकार।
जागरण संवाददाता, पीलीभीत। ऑनलाइन गेम खेलकर लाखों जीतो...! इंटरनेट मीडिया पर ऐसे विज्ञापन जारी कर मोहिसन व उसके गिरोह ने 14 राज्यों के दर्जनों लोगों से 102.54 करोड़ रुपये ठग लिए। नाना जमील व मामा तसलीम ने ठगी के तरीके सीखने के बाद तीन साल पहले उसने अपना जाल फैलाना शुरू कर दिया था।
रविवार को पुलिस ने मोहसिन व गिरोह के सदस्य नर्सिंग छात्र राहुल को गिरफ्तार कर लिया, फरमान व विशाल की तलाश की जा रही। आरोपितों से आठ फर्जी आधार कार्ड, 10 एटीएम कार्ड, बैंकों की चेकबुक व पासबुक बरामद हुईं।
मोहसिन ने बरेली निवासी विशाल मौर्य, फरमान के साथ मिलकर ठगी की योजना की योजना बनाई थी। इसके लिए छोटे दुकानदारों व फर्म संचालकों के नये करंट एकाउंट खुलवाए। उन्हें झांसा दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा, एडवांस के तौर पर 10-10 हजार रुपये भी दिए। इसके बदले उनकी एटीएम कार्ड, चेकबुक अपने पास रख लेते थे।
उन लोगों के आधार कार्ड से नया सिमकार्ड निकलवाते, उस नये नंबर को अपने पास रखकर खाते से जुड़वा देते ताकि बैंकिंग से जुड़े मैसेज आदि गिरोह के पास ही पहुंचे। इस बीच 45 बीईटी गेमिंग एप बनाकर एवं भूमि निवेश में लाभ का झांसा देकर शिकार भी तलाशने लगे।
पुलिस के अनुसार, गेम खेलने में दिलचस्पी दिखाने वाले लोग एप पर जाते थे। गिरोह के सदस्य उनसे ओटीपी मांगकर मोबाइल बैंकिंग व नेट बैंकिंग का कंट्रोल अपने पास लेते, इसके बाद उनके खातों की रकम अपने रैकेट के खातों में ट्रांसफर कर देते थे। गिरोह के सदस्य एटीएम कार्ड व चेकबुक से ठगी की रकम निकाल लेते थे। इसमें प्रयुक्त प्रत्येक खाता खुलवाने के बदले बरेली के भोजीपुरा निवासी विशाल व फरमान 30 हजार रुपये एवं ठगी की रकम में दो प्रतिशत हिस्सा लेता था।
पिछले महीने गौनेरी गांव निवासी दानिश ने शिकायत की थी कि मोहसिन व उसके भाई मोबीन ने 10 हजार रुपये का लालच देकर उनका एटीएम कार्ड, आधार कार्ड आदि ले लिया। कई अन्य ग्रामीणों के साथ भी ऐसा किया गया। जांच में पता चला कि मोहसिन ने बिलाल, हारून, अरबाज, शाहिद, जीशान, शहराब व मुस्तफा के करंट एकाउंट पीलीभीत की बैंक ऑफ बड़ौदा की शाखाओं में खुलवाए। उनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई।
पकड़े जाने के डर से आरोपितों ने मोबाइल सिम कार्ड जला दिए, मेल आइडी के एक्सिस खत्म कर दिए, अधिकतर डेटा डिलीट कर दिया। जांच के दौरान साइबर अपराध रोकथाम के लिए बनाए गए एनसीआरपी पोर्टल से गिरोह के बारे में कई अन्य जानकारियां मिलीं।
हारून के खाते में ठगी के 42 करोड़ रुपये आने पर 85 शिकायतें, मोहसिन के खाते में 32 करोड़ आने पर 15 शिकायतें, राहुल के खाते में 28 करोड़ आने पर 34 शिकायतें, अरबाज के विरुद्ध नौ, दानिश के विरुद्ध सात समेत 200 शिकायतें दर्ज हैं।
गिरोह ने उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पंजाब, चेन्नई, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, बंगाल, दिल्ली, उत्तराखंड, आंध्रप्रदेश, बिहार के लोगों से ठगी की। गिरोह के विरुद्ध धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, ठगी, आइटी एक्ट आदि धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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