दिल्ली पुलिस खरीदेगी 16 करोड़ के फेशियल रिकग्निशन कैमरे, क्या मॉडर्न पुलिसिंग से कंट्रोल होंगे प्रदर्शन?
दिल्ली पुलिस 15.7 करोड़ रुपये की लागत से 338 फेशियल रिकॉग्निशन सीसीटीवी कैमरे खरीदेगी। यह योजना वीवीआईपी मार्गों पर सुरक्षा और पुलिसिंग के आधुनिकीकरण के लिए है।

दिल्ली पुलिस ने सेंट्रल और नई दिल्ली के इलाकों के लिए 338 सीसीटीवी कैमरे खरीदने की योजना बनाई है। एआई इमेज
HighLights
दिल्ली पुलिस खरीदेगी 338 फेशियल रिकॉग्निशन सीसीटीवी कैमरे।
15.7 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिकीकरण योजना।
वीवीआईपी मार्गों पर सुरक्षा के लिए लगेंगे ये कैमरे।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने सेंट्र और नई दिल्ली के इलाकों के लिए लगभग 15.7 करोड़ रुपये की लागत से चेहरा पहचानने की तकनीक (फेशियल रिकग्निशन) वाले 338 सीसीटीवी कैमरे खरीदने की योजना बनाई है। इस टेंडर के सामने आने के बाद इसे हालिया प्रदर्शनों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, पुलिस विभाग की यह योजना करीब दो साल पहले तैयार की गई थी, जिसका उद्देश्य है पुलिसिंग को आधुनिक बनाना।
क्या है पूरी योजना?
इस 15.7 करोड़ रुपये के टेंडर में कुल 338 कैमरे शामिल हैं, जिनमें 248 फिक्स्ड कैमरे, 43 पीटीजेड (पीटीजेड) और 47 एएनपीआर (एएनपीआर) कैमरे शामिल हैं। इसके लिए पांच साल के अनुबंध में वीडियो मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर, स्टोरेज और अन्य संबंधित सिस्टम शामिल किया गया है। इन कैमरों को दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 तक लगाए जाने की उम्मीद है।
कहां-कहां लगाए जाएंगे ये कैमरे
इन कैमरों को रामलीला मैदान के वीवीआईपी गेट, तुर्कमान गेट, दिल्ली गेट, राजघाट, इंडिया गेट सी-हेक्सागन, मंडी हाउस और पटियाला हाउस कोर्ट जैसे महत्वपूर्ण और वीवीआईपी मार्गों पर लगाया जाना है।
इस संबंध में पुलिस विभाग के एक उच्चपदस्थ अधिकारी ने बताया कि वीवीआईपी मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पहले सीसीटीवी कैमरे किराये पर लिए जाते थे। एएसयूएमपी आधुनिकीकरण योजना के तहत स्थायी कैमरे लगाने का प्रस्ताव मार्च 2025 में विचाराधीन था और सितंबर 2025 में इसे मंजूरी मिल गई थी।
