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दिल्ली में चला ‘ऑपरेशन विस्टा 1.0’, 194 अवैध विदेशी नागरिकों को भेजा डिटेंशन सेंटर; नेटवर्क की होगी जांच

Published: Wed, 23 Sep 2026 05:25 AM (IST)

दिल्ली क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' के तहत राजधानी में अवैध रूप से रह ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।

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HighLights

  1. क्राइम ब्रांच ने 'ऑपरेशन विस्टा 1.0' के तहत कार्रवाई की।

  2. दिल्ली से 194 अवैध विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया।

  3. सार्वजनिक सुरक्षा और नशीले पदार्थों पर अंकुश लगाना मुख्य उद्देश्य।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने राजधानी के सभी 15 जिलों में अवैध रूप से रह रहे 194 विदेशी नागरिकों को ढूंढकर उन्हें हिरासत में लेकर लामपुर स्थित डिटेंशन सेंटर में रखवा दिया है।

पुलिस ने इन नागरिकों के बारे में संबंधित दूतावास और उच्चायोगों को भी जानकारी दे दी है ताकि जल्द से जल्द उन्हें उनके देश वापस भेजा जा सके। वीजा अवधि समाप्त हो जाने पर अवैध तरीके से राजधानी में रहने वाले विदेशी नागरिकों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच ने ''आपरेशन विस्टा 1.0'' (वीजा स्टेटस वेरिफिकेशन) नाम से एक माह का विशेष अभियान चलाया था।

विदेशी नागरिकों के बारे में पता लगाने के लिए पुलिस ने एफआरआरओ से भारत में ठहरे विदेशी नागरिकों की सूची प्राप्त करने के अलावा एफआरआरओ के साफ्टवेयर से भी जांच की थी जिसके बाद इतनी बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक पकड़े गए। इनमें सबसे अधिक अफ्रीकी देशों के 117, बांग्लादेश के 65 और अन्य देशों के 9 नागरिक शामिल हैं। अफ्रीकी देशों के अधिकतर नागरिक ड्रग्स के धंधे में शामिल होने की संभावना है।

पहली बार चला इस तरह का ऑपरेशन

विशेष आयुक्त क्राइम ब्रांच एचजीएस धालीवाल का कहना है कि सार्वजनिक सुरक्षा की रक्षा करने, राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने, नशीले पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने और आव्रजन कानूनों का कड़ाई से पालन कराने के प्रयास के तहत पहली बार इस तरह कर आपरेशन चलाया गया। इंटेलिजेंस से सूचना मिल रही थी कि दिल्ली में बड़ी संख्या में विदेशी नागरिक अवैध रूप से रह रहे हैं जिनमें कई ड्रग्स तस्करी व अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्त हो सकते हैं।

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पुलिस अब इनके स्थानीय, अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक या ड्रग्स नेटवर्क के साथ उनके संभावित संबंधों का पता लगाने के लिए गहन जांच कर रही है।
डीसीपी गौरव गुप्ता का कहना है कि अफ्रीकी देशाें व बांग्लादेश के अलावा अन्य देशों के नागरिक, टूरिस्ट, मेडिकल व बिजनेस वीजा पर भारत आते हैं। इनके वीजा की अवधि खत्म हो जाने पर वे अवैध रूप से भारत में रहकर ड्रग्स तस्करी, व संगठित अपराध में संलिप्त हो जाते हैं।

ऐसे लोगों के खिलाफ क्राइम ब्रांच जांच जारी रखेगी। ऐसे लोगों को आश्रय, जाली दस्तावेज, रसद सहायता या अन्य कोई भी मदद उपलब्ध कराने वाले लोगों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इनके आपराधिक नेटवर्क के मददगारों, सहयोगियों और अन्य सदस्यों की पहचान के लिए सत्यापन और जांच प्रक्रिया जारी है।

पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस मकान मालिकों, संपत्ति मालिकों, नियोक्ताओं और आम नागरिकों से अपील करती है कि वे अपनी संपत्तियों में रह रहे या उनके अधीन काम कर रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और वीजा स्थिति का सत्यापन अवश्य करें।

किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा और कानून का शासन बनाए रखने के लिए जनता का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

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