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सत्य निकेतन हादसे से भी नहीं जागा निगम, यमुनापार में धड़ल्ले से बन रहे पांच-सात मंजिला अवैध मकान

Published: Sun, 13 Sep 2026 11:16 PM (IST)

यमुनापार में बिल्डर धड़ल्ले से पांच-छह मंजिला अवैध इमारतें बना रहे हैं, आरोप है कि अधिकारी कार्रवाई में ढाल बने ...और पढ़ें

ब्रजपुरी में अवैध रूप से पांच मंजिला भवन बनाए गए है। किसी में भी बिल्डर ने मकान में पार्किंग की सुविधा नहीं दी है। जागरण

ब्रजपुरी में अवैध रूप से पांच मंजिला भवन बनाए गए है। किसी में भी बिल्डर ने मकान में पार्किंग की सुविधा नहीं दी है। जागरण

HighLights

  1. यमुनापार में धड़ल्ले से बन रही हैं पांच-छह मंजिला अवैध इमारतें।

  2. अधिकारियों पर बिल्डरों को कार्रवाई से बचाने का आरोप।

  3. खरीदारों को होगा नुकसान, बिल्डर-अधिकारी बच निकलेंगे।

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। सत्यनिकेतन में मकान गिरने से कई लोगों की जान जाने के बाद भी दिल्ली नगर निगम व प्रशासन कोई सबक लेने को तैयार नहीं है। यमुनापार में धड़ल्ले से अवैध रूप से स्थानीय बिल्डर पांच व छह मंजिला भवन बना रहे हैं।

मौजूदा वक्त में कई जगह बेसमेंट भी बन रहे हैं। आरोप है कि बिल्डरों के लिए अधिकारी कार्रवाई में ढाल बनकर आगे खड़े हैं। यही वजह है दिल्ली सरकार व निगम द्वारा कार्रवाई के आदेश के बाद भी कोई असर नहीं हो रहा है।

अगर यही हाल रहा तो जब तक निगम की नींद टूटेगी, तब तक बिल्डर आम लोगों को फ्लैट्स बेचकर चंपत हो चुके होंगे। उसका नुकसान उन ग्राहकों को होगा जो खरीदेंगे, बिल्डर व अधिकारियों पर शिकंजा कसेगा ही नहीं। क्योंकि उस तरह का कानून दिल्ली में है नहीं।

कई छेत्रों में धड़ल्ले से बन रहे हैं सात मंजिला मकान

ब्रजपुरी, चांदबाद, ब्रह्मपुरी, चौहान बांगर, सुंदर नगरी, मयूर विहार, न्यू अशोक नगर, करावल नगर, दयालपुर, वजीराबाद रोड, न्यू उस्मानपुर, भजनपुरा, घोंडा, नूर ए इलाही, शास्त्री पार्क समेत कई क्षेत्रों में धड़ल्ले से पांच, छह व सात मंजिल बनने का काम जारी है।

बिल्डर इसलिए आराम से है, क्योंकि उनका नाम आते ही अधिकारी कार्रवाई से पीछे हट जाते हैं। इसलिए की बिल्डरों ने मोटी रकम उनपर खर्च की होती है।

ब्रजपुरी गली नंबर-18 में स्थानीय बिल्डर शहनवाज कुरैशी समेत कई बिल्डरों ने बराबर-बराबर में छह मकान पांच-पांच मंजिल बनाएं हैं, सभी में फ्लैट्स बनाएं गए हैं। तीन फुट चौड़ी लगी बनाई है। बिल्डरों ने किसी भी पार्किंग नहीं दी है।

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स्थानीय लोगों का आरोप है अभी भी फ्लैट्स यहां बन रहे हैं। जब यहां फ्लैट्स बनने की शुरुआत हुई थी, निगम से मौखिक शिकायतें की गई थी। बिल्डरों की वजह से कोई कार्रवाई नहीं की। वहीं अन्य क्षेत्रों में बिल्डर जो फ्लैट्स बना रहे हैं, किसी में पार्किंग नहीं दे रहे हैं।

गैर कानूनी तरीके से भू-तल पर पार्किंग की जगह दुकानें बनाकर अलग से बेच रहे हैं। निगम और प्रशासन तमाशा देख रहा है। उन मकानों में भी निर्माण जारी है, जिन्हें निगम ने अवैध बताते हुए सील किया था।

दिल्ली विधानसभा व निगम में पांच व छह मंजिला मकानों का मुद्दा उठने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। अधिकारियों सवाल उठ रहे हैं कि क्या आखिर जमीन पर उतरकर सच्चाई जानने को जरा तैयार नहीं है।

सरकार किसी को छोड़ेगी नहीं : जितेंद्र महाजन

उत्तर पूर्वी जिला विकास समिति के चेयरमैन जितेंद्र महाजन को बेसमेंट, पांच व छह मंजिला मकान के फोटो भेजकर पूछा गया एक तरफ दावें किए जा रहे हैं अवैध निर्माण पर कार्रवाई की जा रही।

अगर कार्रवाई हो रही है तो जिले में अवैध निर्माण धड़ल्ले से हो कैसे रहा है। कौन से अधिकारी व जनप्रतिनिध है जो कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। इसपर उन्होंने कहा सरकार किसी को छोड़ेगी नहीं, पांच व छह मंजिला वालों पर कार्रवाई जरूर होगी।

कर्मचारी कम है, इसलिए कार्रवाई में लग रहा है समय

निगम के उत्तर पूर्वी जिले के जोन चेयरमैन पंकज लूथरा को वाट्सएपर पर मौजूदा वक्त में चल रहे अवैध निर्माण के फोटो भेजे गए। उनसे सवाल किया गया जोन में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, निगम ने संपत्ति सील की है। बिल्डरों ने उन संपत्ति की सील तोड़ी और फ्लैट बनाकर बेच दिए।

अाखिर क्या मजबूरी है निगम निर्माण कार्य होने के दौरान कार्रवाई नहीं करता, जब आम लोग फ्लैट खरीद लेते हैं तो कार्रवाई होती है। बिल्डर व अधिकारियों का गठजोड़ कग टूटेगा।

उन्होंने जवाब में कहा निगम के पास कर्मचारी कम है, इसलिए कार्रवाई होने में समय लग रहा है। सीएम ने जो आदेश दिए हैं, उनका पालन होगा।

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