तावड़ू में अवैध निर्माणों पर बड़ा एक्शन तय, 20 से अधिक फार्म हाउस मिले अवैध, बुलडोजर चलाने की तैयारी
तावड़ू उपमंडल के बेरी राजस्व क्षेत्र में डेढ़ साल में बने 25 एकड़ भूमि पर दो दर्जन से अधिक फार्म ...और पढ़ें

अवैध फार्म हाउस पर चलेगा बुलडोजर। फोटो: सांकेतिक
HighLights
बेरी में 25 एकड़ पर बने दो दर्जन फार्म हाउस अवैध
जांच में अवैध निर्माण पाए गए, कार्रवाई की सिफारिश
डीटीपी विभाग को पत्राचार, जल्द तोड़फोड़ की संभावना
जागरण संवाददाता, तावड़ू। तावड़ू उपमंडल के बेरी राजस्व क्षेत्र में करीब 25 एकड़ भूमि पर पिछले डेढ़ साल में बनाए गए दो दर्जन से अधिक फार्म हाउस प्रशासन की जांच में अवैध पाए गए हैं।
जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई के लिए जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग को पत्राचार किया गया है। ऐसे में इन निर्माणों पर जल्द कार्रवाई की संभावना है।
डेढ़ साल में खड़े हुए अवैध निर्माण
मामला सामने आने के बाद खुफिया विभाग ने भी रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी थी। इसके बाद तावड़ू एसडीएम के नेतृत्व में स्थानीय प्रशासन की टीम ने क्षेत्र का दो बार निरीक्षण किया।
जांच के दौरान फार्म हाउसों के अलावा वहां तक पहुंचने के लिए बनाए गए रास्ते, चारदीवारी और अन्य निर्माण भी नियमों के विपरीत पाए गए। प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में इन निर्माणों को अवैध बताते हुए नियमानुसार कार्रवाई की सिफारिश की है।
करोड़ों की जमीन पर भू-माफिया की नजर
स्थानीय लोगों के अनुसार बेरी क्षेत्र में जमीन के भाव पांच से सात करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक पहुंच चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बेशकीमती जमीन पर भू-माफिया और स्थानीय दलालों की सक्रियता बढ़ी है।
लोगों का आरोप है कि कुछ लोग प्रशासनिक प्रभाव का हवाला देकर जमीन की खरीद-फरोख्त और कब्जे के प्रयास करते हैं। कुछ फार्म हाउस मालिकों की ओर से जबरन कब्जे की शिकायत पुलिस को दिए जाने की बात भी सामने आई है।
अवैध खनन के पत्थरों का आरोप
स्थानीय लोगों ने फार्म हाउसों की चारदीवारी और अन्य निर्माण में कथित रूप से अवैध खनन से निकाले गए पत्थरों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है। वहीं, एक सरकारी अधिकारी की कथित मिलीभगत और हल्का पटवारी की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक जांच और आगामी कार्रवाई के बाद ही इन आरोपों की स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
पहले की कार्रवाई पर भी सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि पूर्व में डीटीपी विभाग की ओर से की गई कार्रवाई प्रभावी साबित नहीं हुई। उनका कहना है कि कुछ फार्म हाउसों की केवल चारदीवारी तोड़कर कार्रवाई पूरी कर दी गई और बाद में उन्हीं दीवारों का दोबारा निर्माण कर लिया गया।
लोगों के अनुसार, पहले ही सख्त और निरंतर कार्रवाई की जाती तो अवैध निर्माण इतनी बड़ी संख्या में नहीं बढ़ते।
डीटीपी कार्रवाई पर टिकीं निगाहें
फिलहाल प्रशासन की जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों तक पहुंच चुकी है और कार्रवाई के लिए डीटीपी विभाग को पत्राचार किया गया है। अब विभाग की आगामी कार्रवाई पर निगाहें टिकी हैं।
यदि विभाग जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करता है तो बेरी क्षेत्र में अवैध फार्म हाउसों के खिलाफ बड़ी तोड़फोड़ की कार्रवाई हो सकती है।
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