दिल्ली-NCR में एक्शन तेज: सर्दियों में बाहरी ट्रकों की नो-एंट्री, पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से गुजरेंगे भारी वाहन
दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के दौरान बढ़ते वाहन प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए नए उपाय लागू किए जा रहे हैं। ...और पढ़ें

एनसीआर में धुएं और जाम पर लगाम लगाने की तैयारी (AI-Generated Image)
HighLights
एनसीआर सीमाओं पर वाहनों की सघन जांच होगी।
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
बसों के ईंधन मानकों की जांच अनिवार्य की जाएगी।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। सर्दियों में दिल्ली की हवा बिगाड़ने वाले वाहनों पर लगाम लगाने के लिए एनसीआर की सीमाओं पर सख्ती बढ़ाने की तैयारी है। दिल्ली आने वाली दूसरे शहरों की बसों के ईंधन मानकों की जांच होगी, साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई तेज की जाएगी।
दिल्ली के लिए नहीं जाने वाले ट्रकों को शहर में प्रवेश करने से रोकने के लिए पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के इस्तेमाल पर जोर दिया जाएगा। सीमावर्ती इलाकों में लगने वाले जाम को कम करने के लिए यातायात प्रबंधन भी बेहतर किया जाएगा।
इन उपायों को लागू करने के लिए दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने रविवार को नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, सोनीपत और बहादुरगढ़ के यातायात पुलिस व पुलिस अधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इसमें दिल्ली यातायात पुलिस के विशेष आयुक्त और परिवहन आयुक्त भी शामिल हुए।
सीमाओं पर जाम और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई
सरकार की योजना के तहत एनसीआर की सीमाओं और जाम वाले मार्गों पर यातायात प्रबंधन बेहतर किया जाएगा। जरूरत के अनुसार अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मी तैनात होंगे, ताकि वाहनों की आवाजाही सुचारु रहे और जाम में लंबे समय तक खड़े रहने से होने वाला उत्सर्जन कम किया जा सके।
प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (पीयूसी) की जांच भी सख्त होगी। प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को रोकने के साथ नियमानुसार चालान और वाहन जब्त करने जैसी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली के लिए नहीं जाने वाले भारी वाहनों को पूर्वी और पश्चिमी पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से निकालने संबंधी सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन कराया जाएगा। पुराने पेट्रोल-डीजल वाहनों पर लागू प्रतिबंधों को भी सख्ती से लागू करने पर जोर दिया गया।
बसों के ईंधन मानकों की होगी जांच
बैठक में तय नियमों के अनुसार, दिल्ली सहित एनसीआर में दूसरे शहरों से आने वाली बसों के लिए ईंधन और उत्सर्जन मानकों का पालन अनिवार्य होगा। इलेक्ट्रिक, सीएनजी या बीएस-6 मानक वाली डीजल बसों के अलावा अन्य बसों के संचालन की अनुमति नहीं होगी। सीमावर्ती जांच चौकियों पर प्रतिबंधों की जानकारी देने के लिए बोर्ड लगाए जाएंगे और जनजागरूकता अभियान भी चलेंगे।
दिल्ली यातायात पुलिस ने बैठक में बताया कि यातायात और प्रदूषण संबंधी उल्लंघनों पर प्रतिदिन औसतन 10 हजार से अधिक चालान किए जा रहे हैं। इसके अलावा सड़क पर पानी का छिड़काव, मशीनों से सफाई और धूल नियंत्रण अभियान तेज किए जाएंगे। ग्रेप के तहत आगे लागू होने वाली पाबंदियों के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त प्रवर्तन दल तैनात करने पर भी चर्चा हुई।
