दिल्ली में अगर धीमी रही तैयारी तो मानसून में फिर होगा भारी जलभराव; सरकारी दावे और जमीनी हकीकत
राजधानी दिल्ली में मानसून से पहले जलभराव रोकने के सरकारी दावे कागजों तक सीमित दिख रहे हैं, जिससे इस बार ...और पढ़ें

दिल्ली में मानसून की दस्तक से पहले जलभराव रोकने के सरकारी दावे कमजोर साबित हो रहे।
HighLights
सरकारी दावे कागजों पर, जलभराव की आशंका बरकरार।
पीडब्ल्यूडी का दावा, 30 जून तक नालों की सफाई।
दिल्ली में 448 जलभराव वाले हॉटस्पॉट चिन्हित।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मानसून की दस्तक से पहले जलभराव रोकने के सरकारी दावे एक बार फिर जमीन से ज्यादा फाइलों में मजबूत नजर आ रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो विभागों की तैयारी कागजों में ऐसे ही होती रही तो इस मानसून में भी दिल्लीवासियों को भारी जलभराव और यातायात जाम का सामना करना पड़ सकता है।
हालांकि लोक निर्माण विभाग का दावा है कि मानसून को लेकर विभाग ने कमर कस ली है, विभाग चार प्वाइंट पर मुख्य फोकस कर काम कर रहा है। जिसमें नालों की सफाई, पानी की निकासी के लिए पंपों को लगाने के साथ साथ अभियंताओं की तैनाती प्रमुख रूप से शामिल है। इसके साथ ही मानसून को देखते हुए मेंटेनेंस वैन को सक्रिय कि या गया है। उनके प्रतिदिन की रिपोर्ट ली जा रही है।
दिल्ली भर के 448 जलभराव वाले हॉटस्पॉट की पहचान की
पीडब्ल्यूडी दिल्ली की करीब 1,440 किलोमीटर प्रमुख सड़कों और इसके साथ चार फीट और उससे अधिक बड़े 1,375 नालों की देखरेख करता है। यातायात पुलिस ने पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के आधार पर दिल्ली भर के 448 जलभराव वाले हाटस्पाट की पहचान की है। इसमें 169 पीडब्ल्यूडी के हैं। इनमें 29 नए हॉटस्पॉट सामने आए हैं। यहां जलभराव की आशंका है।
अगर ऐसा होता है तो दिल्ली वालों की परेशानी बढ़ेगी। कुछ इलाकों में नालों की सफाई की गति धीमी होने से भी चिंता बढ़ रही है। कई जगह नाले गाद से भरे पड़े हैं। वहीं अंडरपास आदि जलभराव वाले अत्यंत संवेदनशील स्थानों पर भी इस बार अभी तक जलभराव रोकने के लिए अलग से कोई योजना सामने नहीं आई है।
नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा
उधर लोक निर्माण विभाग का दावा है कि नालों की सफाई का काम तेजी से चल रहा है जिसे हर हाल में 30 जून तक पूरा किया जाएगा। मानसून से पहले सड़कों के बरसाती पानी के नालों में जाने वाले स्थानों की सफाई आदि के काम के लिए 200 से अधिक मेंटेनेंस वैन को तैनात किया गया है।
उनसे प्रतिदिन की रिपोर्ट देने को कहा गया है। जलभराव वाले सभी 124 हाटस्पाट पर अभियंताओं की तैनाती कर उनकी जिम्मेदारी तय की गई है। उनसे कहा गया है कि अभी से जरूरी कदम उठाएं। जलभराव वाले स्थानों से पानी की निकासी के लिए पंप लगाए जा रहे हैं। 15 जून से 24 घंटे चलने वाला कंट्रोल रूम शुरू कर दिया जाएगा।
पटपड़गंज में एनएचएआई निकाल रहा जलभराव का समाधान
पटपड़गंज में एनएचएआई जलभराव का समाधान निकाल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-नौ के पटपड़गंज इलाके में सर्विस लेस पर वर्षों से भारी जल भराव को दूर करने के लिए इस बार राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कार्रवाई शुरू की है। जिस प्वाइंट पर जलभराव होता था वहां पर पानी की निकासी के लिए पहले डाली गई पाइपलाइन को हटाकर फिर से नई पाइपलाइन को डाला जा रहा है। जिससे कि पानी की निकासी सही तरीके से हो सके।
इलाके विधायक रवि नेगी का कहना है उन्होंने यहां पर जलभराव होने की जानकारी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और इलाके से सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा के संज्ञान में डाली थी। उसके बाद इस पर कार्रवाई शुरू हुई है। उन्होंने कहा कि लोग निर्माण विभाग के तहत आने वाले इस क्षेत्र में नालों की सफाई करा दी गई है जिससे इस साल यहां जल भराव की संभावना न के बराबर है।
