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'10 अक्टूबर को कोई ट्रेन नहीं हुई कैंसिल', दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट में दी जानकारी

Published: Wed, 14 Oct 2026 04:58 PM (IST)Updated: Wed, 14 Oct 2026 05:19 PM (IST)

दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई ट्रेन रद्द नहीं हुई ...और पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट में डीएमआरसी ने दिया हलफनामा। जागरण क्रिएटिव

सुप्रीम कोर्ट में डीएमआरसी ने दिया हलफनामा। जागरण क्रिएटिव

HighLights

  1. दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट को दी महत्वपूर्ण जानकारी।

  2. 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान ट्रेनें रद्द नहीं हुईं।

  3. 45 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास अस्थायी रूप से बंद था।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी है कि दिल्ली में 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के दौरान कोई भी ट्रेन कैंसिल नहीं की गई थी। यह जवाब दिल्ली मेट्रो ने सुप्रीम कोर्ट तब दिया है जब कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा बुलाए गए 10 अक्टूबर के प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के 45 मेट्रो स्टेशन्स पर एंट्री-एग्जिट बंद थे।

डीएमआरसी (DMRC) ने सुप्रीम कोर्ट में दिए अपने जवाब में बताया कि मेट्रो ऑपरेशन की कुल मात्रा में कोई कटौती नहीं हुई और ट्रेन के फेरों की संख्या में भी कोई कमी नहीं की गई।

डीएमआरसी ने बताया कि पूरे मेट्रो नेटवर्क में कुल 303 स्टेशन शामिल हैं, जिनमें से केवल 45 स्टेशनों को ही प्रवेश और निकास के लिए बंद किया गया था।

DMRC के हलफनामे में क्या?

डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट में जानकारी दी कि 85 प्रतिशत से अधिक हिस्सा (258 स्टेशन) यात्रियों के लिए पूरी तरह चालू और एक्टिव रहा। सर्वोच्च न्यायालय में दायर हलफनामे में डीएमआरसी ने जानकारी दी कि 45 स्टेशनों की प्रवेश और निकास संबंधी ये नियम कानून प्रवर्तन एजेंसियों के आकलन के आधार पर और उनके निर्देशों के अनुसार लागू किए गए थे।

डीएमआरसी ने ये भी कहा कि 10 अक्टूबर, 2026 को मेट्रो से यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 32 लाख रही, जबकि सामान्य सेकंड सैटरडे को लगभग 58 लाख यात्री यात्रा करते हैं।

कॉर्पोरेशन ने यह हलफनामा सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के आदेश के तहत दायर किया है। राष्ट्रीय राजधानी में 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर विभिन्न मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और दिल्ली आने वाली ट्रेनों को रद्द करने के खिलाफ दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए, सर्वोच्च न्यायालय ने केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था कि दिल्ली आने वाली मेट्रो और ट्रेनों की आवाजाही पर 'पूर्ण प्रतिबंध' न हो।

मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने DMRC और अन्य पक्षों को अनुपालन हलफनामा दायर करने का भी निर्देश दिया था।

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