सौरव दास और आशुतोष रांका पर FIR, दिल्ली पुलिस बाेली- रिहाई के एक दिन बाद ही किया पीस बॉन्ड का उल्लंघन
काकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास ने 12 समर्थकों के साथ जंतर-मंतर पर भारी ...और पढ़ें

गेट फांदकर जंतर मंतर पर नारेबाजी करते आशुतोष रांका।
HighLights
सीजेपी नेताओं ने जंतर-मंतर पर सुरक्षा घेरा तोड़ा
आशुतोष रांका, सौरभ दास समेत 14 लोग हिरासत में
पुलिस ने सुनियोजित योजना बताकर एफआईआर दर्ज की
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली में SIR के विरोध में प्रदर्शन के एलान के बीच काकरोच जनता पार्टी (CJP) के 14 सदस्य मंगलवार सुबह सुरक्षा घेरा पार कर जंतर-मंतर पहुंच गए।
इनमें सह संयोजक आशुतोष रांका और सौरभ दास भी शामिल थे। दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में लिया और दोनों नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि शांति बनाए रखने के बांड की शर्तों का उल्लंघन किया गया है। सीजेपी के सदस्यों ने बहुत ही सुनियोजित योजना बनाकर ऐसा कदम उठाया। पुलिस ने जंतर-मंतर रोड के दोनों छोरों पर भारी बल तैनात कर रखा है, यह पूरा इलाका बैरिकेड्स से घिरा हुआ है।
बावजूद इसके सीजेपी सदस्यों ने एक रात पहले इलाके की रेकी की और फिर कम सुरक्षाकर्मी वाले स्थान से वहां पहुंच गए। जंतर-मंतर पर पहुंचकर नारेबाजी करते हुए सुरक्षा बलों ने सभी 14 सदस्यों को हिरासत में लिया। पुलिस ने दोनों के
सुरक्षा घेरा भेदकर जंतर-मंतर पहुंचे 14 सदस्य
पुलिस के मुताबिक सीजेपी सदस्यों को पता था कि जेडीयू कार्यालय के पीछे की एक संकरी गली है, जो जनपथ लेन से जुड़ती है, खुली हुई है और वहां पुलिस की तैनाती अपेक्षाकृत कम है।
ये सभी सदस्य इसी गली के रास्ते जेडीयू कार्यालय तक पहुंचे। इसके बाद, वे लोग कार्यालय के मुख्य लोहे के गेट (जो बंद था) को फांदकर जंतर-मंतर पर आ गए।
अंदर पहुंचते ही इन्होंने ''भारत माता की जय'' और ''इंकलाब जिंदाबाद'' के नारे लगा तिरंगा फहराया। इससे वहां तैनात पुलिसकर्मियों का ध्यान आकर्षित हुआ और उन्होंने तुरंत सभी को हिरासत में ले लिया।
वीडियो में गेट फांदकर अंदर जाते दिखे नेता
सीजेपी द्वारा इंटरनेट मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो में आशुतोष और सौरव को लोहे के गेट फांदकर जंतर-मंतर में प्रवेश करते हुए देखा जा रहा है, जिसमें आशुतोष के हाथ में तिरंगा था।
हिरासत में लिए सभी सदस्यों को जंतर-मंतर से करीब 40 किलोमीटर दूर जाफराबाद थाने ले जाया गया। सभी सदस्य अभी हिरासत में हैं और मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
रिहाई के एक दिन बाद फिर हिरासत में
यह घटना आशुतोष और सौरव दास को रविवार को रिहा किए जाने के ठीक एक दिन बाद सामने आई है। उनकी रिहाई इस शर्त पर हुई थी कि वे एक साल तक सार्वजनिक शांति भंग करने वाली किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं होंगे।
अब पुलिस को इस ताजा मामले में कानूनी कार्रवाई का फैसला लेते समय उनकी पिछली हिरासत और रिहाई की परिस्थितियों को भी ध्यान में रखना होगा।
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