दिल्ली मेट्रो में बिना इजाजत सामान बेचने वाले सावधान, अब पकड़े जाने पर लगेगा 5000 रुपये तक जुर्माना
जन विश्वास बिल' पास होने के बाद दिल्ली मेट्रो में बिना इजाजत सामान बेचना अब महंगा पड़ेगा। यदि कोई मेट्रो ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
जन विश्वास बिल के तहत छोटे अपराध अब सिविल श्रेणी में
दिल्ली मेट्रो में बिना इजाजत सामान बेचने पर लगेगा जुर्माना
अब 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगेगा, पहले 100-400 था
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अब दिल्ली मेट्रो में बिना इजाजत सामान बेचना महंगा पड़ सकता है। हाल ही में संसद में 'जन विश्वास बिल' पास किया गया है, जिसके तहत छोटे-मोटे अपराधों को आपराधिक श्रेणी से हटाकर सिविल श्रेणी में डाला गया है। इसके तहत छोटे अपराध में सजा की बजाय जुर्माने का प्रविधान है।
अब अगर कोई चोरी-छिपे दिल्ली मेट्रो में सामान बेचते पकड़ा जाता है तो विक्रेताओं पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने गुरुवार को लोकसभा में एक बिल पेश किया। इस बिल में कुछ छोटे अपराधों के लिए क्रिमिनल सजा को बदलकर सिविल सजा में बदलने का प्रस्ताव है।
इनमें से एक अपराध है- मेट्रो के अंदर या परिसर में किसी भी चीज को बिना अनुमित के बेचना या बेचने के लिए पेश करना शामिल किया गया। अभी, ऐसे अपराध के लिए 100 रुपये से 400 रुपये तक का जुर्माना लगता है, लेकिन नए नियमों के तहत, एक्ट की धारा 73 के तहत इस जुर्माने को बढ़ाकर 5,000 रुपये तक कर दिया जाएगा। इसके अलावा नशे की हालत में मेट्रो में उत्पात मचाना, महिला कोच में एंट्री करने, ट्रैक पर चलने सहित अन्य नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने का प्रावधान है।
अभी किस नियम के उल्लंघन पर लगता है जुर्माना और कितना हो जाएगा?

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(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
