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दिल्ली में खतरनाक मकानों की सूची सार्वजनिक क्यों नहीं करता MCD? पार्षद बोले- वेबसाइट पर अपडेट करें 

Published: Tue, 13 Oct 2026 08:55 AM (IST)

यमुनापार में अवैध एल-शेप मकान गिरने से जानमाल का नुकसान हो रहा है। पार्षद खतरनाक इमारतों के सर्वे की सूची ...और पढ़ें

दिल्ली में मकान गिरने के मामलों में पार्षदों ने आवाज उठाई है कि निगम जिन जर्जर मकानों का सर्वे करता है उसकी सूची सार्वजनिक होनी चाहिए। प्रतीकात्मक तस्वीर

दिल्ली में मकान गिरने के मामलों में पार्षदों ने आवाज उठाई है कि निगम जिन जर्जर मकानों का सर्वे करता है उसकी सूची सार्वजनिक होनी चाहिए। प्रतीकात्मक तस्वीर

HighLights

  1. यमुनापार में अवैध मकान गिरने से कई मौतें

  2. निगम खतरनाक इमारतों की सूची सार्वजनिक नहीं करता

  3. पार्षदों ने वेबसाइट पर सूची डालने की मांग की

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। यमुनापार में एल शेप के अवैध मकान गिरने से पिछले एक साल में 17 लोगों की जान जा चुकी है। हादसा होने के बाद निगम दावे करता है खतरनाक इमारतों का सर्वे किया जाएगा। सर्वे हाेता भी है, लेकिन सर्वे में चिह्नित मकानों की सूची सार्वजनिक नहीं होती है। पार्षदों ने आवाज उठाई है कि निगम जिन जर्जर मकानों का सर्वे करता है उसकी सूची सार्वजनिक होनी चाहिए।

मकान गिरने से पांच लोगों की हुई थी मौत

पार्षदों का कहना है कि नगर निगम की वेबसाइट पर भी वह सूची अपलोड होनी चाहिए। पार्षद व आम लोगों का हक है वह यह जान सकें कि उनके क्षेत्र में कितनी ऐसी संपत्तियां है जिन्हें निगम ने खतरनाक घोषित किया हुआ है। यह आवाज पार्षदों ने उस वक्त उठाई है जब कुछ ही दिनों पहले सीमापुरी में पांच मंजिला अवैध रूप से बना एल शेप का मकान गिरने से पांच लोगों की जान चली गई। आठ लोग गंभीर रूप से घायल हुए।

आखिर सर्वे रिपोर्ट क्यों नहीं करते सार्वजनिक?

पार्षदों का कहना है कि मकान गिरने से लोगों की जान जाती है और घायल भी होते हैं लेकिन निगम की सर्वे रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं होती। कई बार वह मकान भी गिर जाते हैं, जिन्हें निगम ने खतरनाक घोषित किया होता है। रिपोर्ट सार्वजनिक न होने से अधिकारी अपनी जान बचा लेते हैं।

'पारदर्शिता होनी ही चाहिये'

पार्षद रीना माहेश्वरी ने कहा कि मकान गिरने से लोगों की जान जाती है। निगम दावें करता है कि सर्वे करके जर्जर मकानों की पहचान की जाएगी। निगम अगर सर्वे करता है तो उन मकानों की सूची सार्वजनिक करने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। पारदर्शिता होनी जरूरी है।

'सर्वे रिपोर्ट सभी पार्षदों के पास हो'

पार्षद नीता बिष्ट का कहना है कि सीमापुरी में हादसा दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड की जमीन पर हुआ है। जिस मकान के गिरने से कई लोगों की जान गई है, अगर निगम ने उस मकान को खतरनाक घोषित करके खाली करवा लिया होता तो कई लोगों की जान चली गई। इस मामले में निगम के उत्तर पूर्वी जोन के चेयरमैन पंकज लूथरा का कहना है कि इसी व्यवस्था करवाई जाएगी, जिससे सर्वे रिपोर्ट सभी पार्षदों के पास हो।

एक नजर हादसों पर...

  • 7 अक्टूबर 2026 : सीमापुरी में मकान गिरने से पांच लोगों की मौत, आठ घायल।
  • 11 अप्रैल 2025 : मंडावली में मकान की दीवार गिरने से एक व्यक्ति की मौत, चार घायल।
  • 19 अप्रैल 2025 : मुस्तफाबाद में मकान गिरने से 11 लोगों की मौत, 11 घायल।

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