दिल्ली में 3 बेटियों और पत्नी की हत्या मामले में नया खुलासा, मुनचुन ने 20 दिन पहले किससे मांगे थे 7 लाख रुपये?
दिल्ली के समयपुर बादली में पत्नी और तीन बेटियों की हत्या के आरोपी मुनचुन केवट के बारे में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
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दिल्ली में तीन बेटियों और पत्नी की हत्या का मामला। जागरण

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, बाहरी दिल्ली। राजधानी दिल्ली के समयपुर बादली थाना क्षेत्र में पत्नी व तीन मासूम बेटियों की गला काटकर हत्या के सनसनीखेज मामले में आरोपी को लेकर चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है।
पिछले आठ साल से अपनी बहन अनीता (मृतका) व जीजा मुनचुन केवट के साथ रहने वाले प्रमोद का कहना है कि हत्या से 15-20 दिन पहले मुनचुन ने उनके पिता से तीन बेटियां होने का हवाला दिया और कर्ज उतारने के लिए सात लाख रुपये मांगे थे, लेकिन वे जैसे-तैसे दो लाख रुपये दे पाए। दो लाख रुपये देने के बावजूद चारों को मार दिया।
मुनचुन ने मांगे थे सात लाख रुपये
शुक्रवार को जहांगीरपुरी के बाबू जगजीवन राम अस्पताल की मोर्चरी के बाहर मृतक अनीता का भाई प्रदीप ने दैनिक जागरण से बातचीत में बताया कि 15-20 दिन पहले उनके जीजा मुनचुन केवट ने बेटियों की अच्छी परवरिश और कर्ज चुकाने के लिए सात लाख रुपये देने की मांग थी।
वहीं, उनके पिता ने ब्याज पर दो लाख रुपये लेकर मुनचुन को दिए। यह पैसा मुनचुन ने उनके पिता से गांव (बदरबाली, नालंदा) आकर खुद लिया था। उनके पिता ने यह कहते हुए पैसा दिया था कि बेटी व दोहतियों को अच्छे से रखना। इतना सब कुछ करने के बाद भी मुनचुन ने सबको मार दिया।
आजादपुर मंडी में अदरक विक्रेता प्रमोद बताते हैं कि मुनचुन को परिवार के लोग अक्सर कहते थे कि तीन-तीन बेटियां हैं, कैसे इनको पालेगा। कैसे शादी-ब्याह करेगा। परिवार की ओर से मुनचुन पर अक्सर दबाव बनाया जाता था। उन्हें लगता है कि इसी दबाव के चलते उनके जीजा ने यह खौफनाक कदम उठाया होगा।
आठ साल से बहन-जीजा के घर रहते थे प्रदीप
अनीता और मुनचुन की शादी 2016 में हुई थी। प्रदीप ने बताया कि शादी के अगले साल वह दिल्ली में चंदन पार्क स्थित गली नंबर तीन में अपनी बहन के घर आ गए थे। वे भी अपने जीजा की तरह आजादपुर मंडी में अदरक बेचते हैं।
वे पिछले साल दीपावली के बाद अपने गांव चले गए थे, उन्हें अब होली के बाद दिल्ली लौटना था। लेकिन, बहन व उनकी तीनों बेटियों की हत्या की खबर के बाद दिल्ली लौटे। प्रदीप अकेले दिल्ली रहते हैं और उनकी पत्नी व बच्चे गांव में ही रह रहे हैं।
प्रदीप ने बताया कि पैसों को लेकर उनकी बहन और जीजा के बीच अक्सर झगड़ा होता था। मुनचुन ने अपने गांव के एक व्यक्ति से पैसा ले रखा है। वह व्यक्ति अक्सर उनकी बहन के पास फोन करता था और गाली-गलौच करता था। गाजी-गलौच की रिकार्डिंग भी अनीता के फोन में है, यह बात कुछ दिन पहले अनीता ने उन्हें बताई थी।
पुलिस को गच्चा दे रहा है मुनचुन
मुनचुन की तलाश में पुलिस की 10 टीमें लगी हैं। बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिस मुनचुन को ढूंढ रही हैं, वह अभी पकड़ में नहीं आया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि हत्याकांड के बाद मुनचुन की लोकेशन जहांगीपुरी के अलावा भलस्वा व मुकुंदपुर क्षेत्र में दर्ज हुई थी। इसके बाद उसका कोई अता-पता नहीं है। पुलिस को अनुमान है कि वह दिल्ली से बाहर जा चुका है।
मां-बेटियों का अंतिम संस्कार मायका पक्ष ने ही किया
महिला और उसकी तीन बेटियों की गला काटकर हत्या के तीसरे दिन शुक्रवार को पोस्टमार्टम हुआ। चारों शवों की सुपुर्दगी ससुराल पक्ष के बजाय मायका पक्ष ने ली और अंतिम संस्कार भी मायका पक्ष की ओर से ही किया गया। आजादपुर गांव के श्मशान भूमि में महिला और तीन मासूम बेटियों की एक साथ अंत्येष्टि के दौरान हर किसी की आंख नम थीं।
शुक्रवार दोपहर दो बजे जहांगीरपुरी के बाबू जगजीवन राम अस्पताल में अनीता और उनकी तीन बेटियों का पोस्टमार्टम हुआ। पाेस्टमार्टम के बाद चारों शव अनीता के भाई प्रमोद को सुपुर्द किए गए।
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प्रमोद ने बताया कि अंतिम संस्कार में अनीता के पति मुनचुन केवट के परिवार की ओर से दिल्ली में रह रहीं कुछ महिलाओं को छोड़कर कोई शामिल नहीं हुआ। अनीता की ससुराल मोकिमपुर गांव (बिहार) से कोई नहीं आया।
