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दिल्ली में LPG सिलिंडर संकट गहराया, 400 रुपये किलो तक पहुंची कीमत

Published: Mon, 06 Apr 2026 10:33 PM (IST)

दिल्ली में एलपीजी सिलिंडर की समस्याएं जारी हैं, जहां 400 रुपये प्रति किलो तक गैस मिल रही है। 5 किलो ...और पढ़ें

दिल्ली में एलपीजी सिलिंडर की समस्याएं जारी हैं, जहां 400 रुपये प्रति किलो तक गैस मिल रही है। फाइल फोटो

दिल्ली में एलपीजी सिलिंडर की समस्याएं जारी हैं, जहां 400 रुपये प्रति किलो तक गैस मिल रही है। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। एलपीजी सिलिंडर को लेकर लोगो की दिक्कतें जारी है। केंद्र व राज्य सरकार की कवायद के बाद भी कई परिवारों तक एलपीजी की पहुंच दुरूह, कष्टप्रद व महंगा बना हुआ है। जिनके पास कनेक्शन नहीं है तो उन्हें एलपीजी प्रति किलो 400 रुपये तक में मिल रहा है।

केंद्र ने प्रवासी मजदूरों द्वारा छात्रों की परेशानी को देखते हुए पांच किलो के छोटू सिलिंडर उपलब्ध कराने की घोषणा की है, लेकिन वह अभी एजेंसियों पर उपलब्ध नहीं है। इस संबंध में एजेंसी संचालकों का कहना है कि अभी एलपीजी कंपनियों द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया है। इसमें अभी कुछ दिन और लग सकते हैं।

इस बीच, बाजारों से श्रमिकों का पलायन जारी है। इस संकट की मार सबसे अधिक मेहनतकश तबके पर पड़ रही है। जिनके पास एलपीजी कनेक्शन नहीं है। उन्होंने कहा कि भोजन के लिए ईंधन की जरूरतें अलग अलग मोहल्लों में गैस रिफिलिंग की दुकानों के जरिए ही पूरी होती रही हैं। पर, मौजूदा स्थिति में इन दुकानों में एलपीजी 300-400 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से मिल रहा है। इसके साथ ही मजदूर बस्तियों में ढाबों समेत तमाम दुकानों पर खाने के दाम बढ़ चुके हैं।

यह संकट अब केवल आपूर्ति या मूल्य वृद्धि तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक व्यापक मानवीय और आर्थिक संकट का रूप ले चुका है, जिसके चलते राजधानी से श्रमिकों का पलायन शुरू हो गया है। रेलवे स्टेशनों तथा बस अड्डों पर यह देखा जा सकता है।
इस संकट का असर केवल मजदूरों पर नहीं बल्कि उद्योग और अर्थव्यवस्था पर भी पड़ना तय है।

निर्माण, लघु उद्योग, होटल-रेस्तरां, घरेलू कार्य, परिवहन एवं असंगठित सेवा क्षेत्र की रीढ़ हैं। जानकारों का कहना है कि निर्माण, टेक्सटाइल और निर्माण इकाइयों में 30-40 प्रतिशत तक कार्यबल घट गया है। बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों की कमी से उत्पादन और आपूर्ति प्रभावित हो रही है। होटल, ढाबे और छोटे व्यवसाय बंद हो रहे हैं, जिससे रोजगार के अवसर और घट रहे हैं।

श्रमिकों को मिले विशेष मदद

भाकपा माले ने दिल्ली सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि ई-श्रम पंजीकृत श्रमिकों को सब्सिडी युक्त/ निश्शुल्क एलपीजी सिलेंडर प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएं। बस्तियों में अस्थायी गैस वितरण व्यवस्था के लिए विशेष वितरण केंद्र शुरू किए जाएं। जमाखोरी एवं ब्लैक मार्केटिंग के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जाए।

बस्तियों, औद्योगिक इलाकों तथा प्रमुख बाजारों और मंडियों में तत्काल भोजन व्यवस्था के सामुदायिक रसोई का प्रबंध किया जाए। मजदूरों में डर और परेशानी के माहौल के बीच हेल्पलाइन नंबर जारी कर मदद की जाए।

टैक्स मुक्त हो पीएनजी व एलपीजी

चैंबर आफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआइ) के चेयरमैन बृजेश गोयल ने केंद्र सरकार से पीएनजी व एलपीजी को टैक्स मुक्त करने की मांग की है। उनके अनुसार, अभी घरेलू एलपीजी में पांच तथा व्यावसायिक में 18 प्रतिशत जीएसटी लगता है। वहीं, पीएनजी में अलग-अलग राज्यों में 3 से 14.5 प्रतिशत तक वैट लगता है। दिल्ली में पीएनजी पर पांच प्रतिशत वैट है।

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