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दिल्ली में जमीन के सर्किल रेट 20 गुना बढ़ाने की मांग, क्या किसानों को मिलेगा 10 करोड़ प्रति एकड़? बैठक 23 को

Published: Wed, 21 Oct 2026 03:14 PM (IST)

दिल्ली में भूमि के सर्किल रेट 20 गुना बढ़ाने की मांग पर जल्द फैसला होने वाला है, जिसके लिए केंद्रीय ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट बढ़ाने की योजना तैयार कर ली है, अब केंद्र सरकार की बैठक में इस पर चर्चा होनी है। एआई इमेज

दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट बढ़ाने की योजना तैयार कर ली है, अब केंद्र सरकार की बैठक में इस पर चर्चा होनी है। एआई इमेज

HighLights

  1. दिल्ली में सर्किल रेट 20 गुना बढ़ाने की मांग।

  2. किसान मांग रहे 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ दर।

  3. केंद्रीय मंत्रालय की 23 अक्टूबर को महत्वपूर्ण बैठक।

वी के शुक्ला, नई दिल्ली। दिल्ली में भूमि के 20 गुणा सर्किल रेट बढ़ाने की मांग पर जल्द फैसला होने जा रहा है। दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट बढ़ाने की योजना तैयार कर ली है, अब केंद्र सरकार की बैठक में इस पर चर्चा होनी है। इसे लेकर केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्रालय ने 23 अक्टूबर को बैठक बुलाई है।

किसान मांग रहे 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ सर्किल रेट

इस बैठक में आवासीय और कृषि भूमि के नए सर्किल रेट लागू करने को लेकर चर्चा होनी है। फिलहाल, दिल्ली में कृषि भूमि का सर्किल रेट 53 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित है जो 2008 से नहीं बढ़ा है। सर्किल रेट 20 गुना तक बढ़ाने की मांग उठ रही है, किसान इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये प्रति एकड़ करने की मांग कर रहे हैं।

कितने सर्किल रेट पर लग सकती है मुहर?

दिल्ली में आवासीय का 2014 और कृषि भूमि का सर्किल रेट 2008 से नहीं बढ़ा है। सरकार जमीन की स्थिति और इलाके के हिसाब से दरें तय करने पर विचार कर रही है। सर्किल रेट कितना बढ़ेगा यह तो सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।

हालांकि, सूत्रों की मानें तो दिल्ली में रिहायशी संपत्तियों में सर्किल रेट अलग-अलग इलाकों के हिसाब से 10 से लेकर 40 प्रतिशत तक बढ़ने की संभावना है। वहीं, खेती की जमीन पर ढाई से लेकर पांच करोड़ प्रति एकड़ सर्किल रेट बढ़ सकता है।

आम जनता, आरडब्ल्यूए और किसानों से से मांगी थीं आपत्तियां

दिल्ली में पिछले 17 साल बाद कृषि योग्य जमीन के सर्किल रेट नहीं बढ़ा है। जिसे देखते हुए दिल्ली के किसान अपनी जमीन से साढे़ आठ करोड़ से लेकर 10 करोड़ प्रति एकड़ तक के सर्किल रेट करने तक की मांग कर रहे हैं।

जून 2025 में सीएम रेखा गुप्ता ने सर्किल रेट की समीक्षा के लिए मंडलायुक्त की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया था। समिति की सिफारिश पर दिल्ली सरकार ने सर्किल रेट बढ़ाने को लेकर अक्टूबर 2025 के पहले सप्ताह में आम जनता, आरडब्ल्यूए और किसानों से 15 दिनों के लिए सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की थीं।

15 अक्टूबर, 2025 को समाप्त हो गई समयसीमा

समिति आवासीय और कृषि योग्य जमीन को लेकर अपनी राय शामिल कर रिपोर्ट सरकार को सौेप चुकी है। इसे लेकर सरकार स्तर की कई बैठकें हो चुकी हैं। जिसमें कृषि योग्य जमीन और आवासीय इलाकों के लिए अलग अलग सुझाव दिए गए हैं। मुख्यमंत्री को कई गांवों की ओर से पत्र भी लिखा गया है। सरकार की ओर सर्किल रेट को लेकर से मांगे गए सुझाव देने की तारीख 15 अक्टूबर, 2025 को समाप्त हो गई थी।

क्यों की जा रही सर्किल रेट बढ़ाने की मांग?

दिल्ली में करीब 200 से अधिक गांवों में अभी भी खेती होती बताई जा रही है। जानकारों का मानना है कि 50 हजार एकड़ से भी अधिक भूमि पर खेती हो रही है। ये किसान पिछले कई साल से सरकार द्वारा उनकी उपेक्षा करने का आरोप लगा रहे हैं।

दिल्ली सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि कृषि योग्य जमीन के पांच करोड़ एकड़ से लेकर 10 करोड़ एकड़ के सुझाव दिए गए हैं।

लोगों ने यह भी सुझाव दिया है कि गांव की आवासीय भूमि का सर्किल रेट न्यूनतम रखा जाए, ताकि किसानों व ग्रामीणों की जमीन का मूल्य बढ़ सके और वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

'किसानों के साथ बहुत अन्याय हो रहा'

पिछले सालों में दिल्ली के किसानों के साथ बहुत अन्याय होता रहा है। 2008 से कृषि भूमि के सर्किल रेट तक नहीं बढ़े हैं, तब से महंगाई बहुत बढ़ चुकी है। किसानों की जमीन का सर्किल रेट 10 कराेड़ प्रति एकड़ से कम नहीं होना चाहिए।

पारस त्यागी, संस्थापक, सेंटर फाॅर यूथ कल्चर, लाॅ एंड एनवायरमेंट।

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