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जिन्हें सौंपी घर की चाबी, वही निकले लुटेरे; दिल्ली पुलिस ने बीते 20 महीने में 173 केस में 208 किए गिरफ्तार

Published: Wed, 21 Oct 2026 02:53 PM (IST)

दिल्ली में घरेलू और व्यावसायिक कर्मचारियों द्वारा विश्वासघात के मामले बढ़ रहे हैं, पिछले 20 महीनों में 173 मामलों में ...और पढ़ें

दिल्ली में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें घर और व्यापार में लूट-खसोट करने वाला घरेलू सहायक ही साबित हो रहा है। एआई इमेज

दिल्ली में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें घर और व्यापार में लूट-खसोट करने वाला घरेलू सहायक ही साबित हो रहा है। एआई इमेज

HighLights

  1. दिल्ली में घरेलू कर्मचारियों द्वारा अपराधों में वृद्धि।

  2. 20 महीने में 173 मामलों में 208 गिरफ्तारियां हुईं।

  3. पुलिस ने कर्मचारियों के अनिवार्य सत्यापन की अपील की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। घरेलू और व्यावसायिक कामों के लिए जिन कर्मचारियों पर भरोसा करके रखा जाता है, वही विश्वासघात कर रहे हैं। दिल्ली में हाल के दिनों में ऐसे कई मामले उजागर हुए हैं, जब नियोक्ताओं को उनके सहायकों ने लूट लिया है।

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 20 महीनों में कुल 173 मामलों में 208 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। यही नहीं अकेले दिल्ली में ही बीते पांच वर्षों में अप्रैल 2026 तक 750 से अधिक ऐसी वारदातें सामने आई हैं, जिन्हें घरेलु सहायकों ने ही अंजाम दिया है।

20 महीनों में दर्ज हुए 173 मामले

हाल ही में जखीरा फ्लाई-ओवर के पास एक व्यवसायी के कर्मचारी ने ही 36 लाख रुपये की फर्जी लूट का नाटक रचा। वहीं, भारत नगर में एक घरेलू सहायिका ने मालिक के विदेश जाने का फायदा उठाकर घर साफ कर दिया।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस साल अगस्त तक कर्मचारियों द्वारा की गई चोरियों के संबंध में 62 मामले दर्ज किए गए हैं और 69 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

वहीं, पिछले वर्ष में 111 मामलों में 139 गिरफ्तारियां हुई थीं। इस तरह पिछले 20 महीनों में कुल 173 मामलों में 208 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

क्‍या है इसके पीछे की वजह?

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, जल्दी अमीर बनने की चाहत एक प्रमुख कारण हैं। कई मामलों में संगठित गिरोह ऐसे नौकरों को लालच देकर या अपनी साजिश में शामिल करके चोरी की घटनाओं को अंजाम दिलवाते हैं।

इसका कारण यह है कि कर्मचारियों को घर के लॉकर, नकदी, आभूषणों और परिवार के सदस्यों के बारे में पूरी जानकारी होती है। इससे वारदात को अंजाम देना आसान हो जाता है।

करोल बाग में एक मोबाइल दुकान से 1 करोड़ रुपये की चोरी के मामले में भी चार साल से काम कर रहे एक पुराने कर्मचारी को ही मास्टरमाइंड पाया गया था।

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एआई की मदद से बनाया गया इंफोग्राफ।

बीते पांच साल के आंकड़े डराने वाले

दिल्ली पुलिस के आंकड़ों को देखा जाए जो राजधानी में 2020 से 2025 के बीच घरेलू सहायकों द्वारा लूट और चोरी की 750 से अधिक वारदात को अंजाम दिया गया। इनमें करीब 650 आरोपित गिरफ्तार किए गए। इनमें ज्यादातर मामलों में घरेलू सहायक का सत्यापन नहीं कराया गया था।

घरेलू सहायकों द्वारा की वारदात

  • 20 अप्रैल 2026 : पाश इलाके गोल्फ लिंक्स कालोनी में शराब कारोबारी के घर में डकैती के दौरान घरेलू नौकर सुशील उर्फ गुड्डू कुमार कामत और उसके सात अन्य साथियों ने कोठी में मौजूद सभी सदस्यों को बंधक बना करीब 30 लाख के आभूषण व नकदी लूटकर फरार हो गए।
  • जुलाई 2025 : लाजपत नगर में पैसों को लेकर विवाद और डांट-फटकार के बाद घरेलू सहायक ने मालकिन रुचिका सेवानी और उनके 14 वर्षीय बेटे की गला रेतकर हत्या कर दी।
  • मई 2024 : दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में एक डाक्टर की उनके घरेलू सहायक और उसके साथियों ने हत्या कर दी। आरोपित ने लूटपाट के इरादे से अपने 7-8 साथियों के साथ मिलकर डाक्टर को बंधक बनाया और फिर हत्या की थी।
  • जुलाई 2021 : वसंत विहार में पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. रंगराजन कुमारमंगलम की पत्नी और वकील किट्टी कुमारमंगलम की उनके धोबी और उसके दो साथियों ने गला घोंटकर हत्या कर दी। हत्या का मकसद लूटपाट था।
  • जुलाई 2014 : ग्रेटर कैलाश-II में एक घरेलू सहायक नीरज साकी ने 81 वर्षीय महिला के साथ दुष्कर्म करने के बाद उनकी गला घोंटकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को आग लगा दी थी।
वर्ष  एफआईआर की संख्या गिरफ्तारियां
2020 106 74
2021 154  157
2022 164 151
2023 119 88
2024 106 94

आंकड़े (2020 से 2024 तक, दैनिक जागरण आर्काइव)

फर्जी पहचान पत्र और नॉन वेरिफिकेशन

कुछ गिरोह योजनाबद्ध तरीके से अपने सदस्यों को फर्जी दस्तावेज या झूठी सिफारिशों के जरिए घरों में नौकर के रूप में रखवाते हैं। अप्रैल में लुटियंस दिल्ली के गोल्फ लिंक्स इलाके में हुई 30 लाख रुपये की डकैती में भी महज एक हफ्ते पहले रखे गए नौकर की भूमिका सामने आई थी, जिसने गिरोह के हथियारबंद बदमाशों के लिए मुख्य दरवाजा खोला था।

पुलिस की अपील- बिना वेरिफिकेशन न रखें नौकर

वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घरेलू सहायक या कर्मचारी को काम पर रखने से पहले उसका पुलिस सत्यापन (Police Verification) अनिवार्य रूप से करवाएं। इसके साथ ही मालिक अपने पास कर्मचारी का पहचान पत्र, स्थायी पता, पारिवारिक संपर्क और बैंक विवरण अवश्य सुरक्षित रखें ताकि किसी भी अनहोनी के समय उनकी पहचान की जा सके।

मकान मालिक को ये करना होता है

हर थाने में सत्यापन के फॉर्म रखे होते हैं। वहां से फॉर्म लेकर मकान मालिकों को घरेलू सहायक का फोटो, उसका आधार कार्ड नंबर व स्थायी पता और पिछले मालिक का विवरण आदि भरकर थाने में जमा करना होता है। दिल्ली पुलिस के एप को डाउनलोड करके भी लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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