दिल्ली में लापता इन्फ्लुएंसर कारोबारी का शव मिला, परिवार ने हत्या का आरोप लगाया
मंडावली से लापता कपड़ा कारोबारी और इन्फ्लुएंसर आकाश उर्फ पुष्पेंद्र का शव पटपड़गंज में संदिग्ध हालत में मिला। नाक-मुंह से ...और पढ़ें

कपड़ा कारोबारी व इंफ्लुएंसर आकाश उर्फ पुष्पेंद्र का शव संदिग्ध हालात में मिली।

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जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली। मंडावली इलाके से सात मार्च को गायब हुए कपड़ा कारोबारी व इंफ्लुएंसर आकाश उर्फ पुष्पेंद्र का शव संदिग्ध हालात में पटपड़गंज औद्योगिक थाना क्षेत्र के एक मैदान से बरामद हुआ। जिस वक्त युवक का शव मिला, उसकी नाक व मुंह से खून निकल रहा था। पास में ही नशे के इंजेक्शन पड़े हुए मिले।
मृतक के स्वजन ने हत्या का आरोप लगाया है। उनकी मौत से नाराज होकर परिवार व स्थानीय लोगों ने शव को मंडावली थाने के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि पुलिस ने आकाश को ढूंढने के लिए कुछ नहीं किया। स्थानीय विधायक भी मौके पर पहुंचे और उन्होंने भी आकाश की मौत पर सवाल उठाए।
आकाश मूलरूप से अलीगढ़ स्थित नगलिया क्षेत्र के रहने वाले थे। वह परिवार के साथ के साथ मंडावली में रह रहे थे। परिवार में माता-पिता, पत्नी व तीन साल की बेटी है। मंडावली में आकाश स्टाइलिंग नाम से गारमेंट का शोरूम चलाते थे। साथ ही यूट्यूब और इंस्टग्राम पर वीडियो बनाकर दूसरों का प्रमोशन भी करते थे।
यूट्यूब और इंस्टाग्राम दोनों के जोड़कर उनके साढ़े चार लाख फॉलोअर हैं। मंगलवार को पुलिस ने एलबीएस अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव स्वजन को सौंपा। स्वजन ने आकाश का शव सड़क पर रखकर पुलिस के खिलाफ मंडावली थाने के बाहर प्रदर्शन किया। जमकर नारेबाजी की। आकाश के करीबी दोस्त पर नशा देकर हत्या का आरोप लगाया।
वरिष्ठ अधिकारी और विधायक कुलदीप कुमार मोनू के समझाने के बाद प्रदर्शन खत्म किया। विधायक ने आरोप लगाया कि दिल्ली में कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। कारोबारी की इस तरह मौत व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इस मामले की जांच हो और आरोपिताें की जल्द गिरफ्तारी होनी चाहिए।
स्वजन का आरोप- सीडीआर निकालने के लिए पुलिस ने लिए दस हजार रुपये
मृतक के स्वजन ने बताया कि सात मार्च को आकाश दोपहर 12:30 बजे डेढ़ लाख रुपये लेकर गांधी नगर मार्केट से सामान खरीदने के लिए गए थे। 2:30 बजे परिवार ने उन्हें फोन किया तो उन्होंने उठाया नहीं। कुछ देर के बाद फोन बंद हो गया। शाम को परिवार मंडावली थाने गया और आकाश की गुमशुदगी दर्ज करवाई। आरोप है कि पुलिस ने गुमशुदगी की शिकायत रख ली, लेकिन कुछ किया नहीं।
आरोप लगाया कि आकाश के फोन का सीडीआर (कॉल डिटेल रिकॉर्ड) निकालने के लिए पुलिस ने दस हजार रुपये ले लिए। मोबाइल की आखिरी लोकेशन आनंद विहार की आई। उसके बाद भी पुलिस ने उसे ढूंढा नहीं। सोमवार को परिवार आकाश को ढूंढता हुआ टेल्को पाइंट के पास डीडीए ग्राउंड पहुंचा। पता चला कि पटपड़गंज औद्योगिक थाना पुलिस को आकाश का शव मिला है।
शव देखकर हत्या का मामला नहीं लग रहा है। आशंका है नशे की ओवरडोज के चलते मौत हुई। बाकी मौत की सही वजह का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। मामले की जांच जारी है। - राजीव कुमार रावल, पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त
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