दिल्ली HC का बड़ा फैसला, अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी परीक्षा मामलों की सुनवाई; 28 अधिकारियों का तबादला
दिल्ली हाई कोर्ट ने परीक्षा में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित की है। ...और पढ़ें

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HighLights
परीक्षा में अनुचित साधनों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित।
दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस के 28 न्यायिक अधिकारियों के तबादले।
कुछ अदालतों को समाप्त कर लंबित मामलों का पुनर्वितरण होगा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने न्यायिक व्यवस्था में बड़े प्रशासनिक बदलाव करते हुए परीक्षा में अनुचित साधनों से जुड़े मामलों के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट तय करने के साथ दिल्ली हायर ज्यूडिशियल सर्विस के 28 न्यायिक अधिकारियों के तबादले और नई तैनाती के आदेश जारी किए हैं।
परीक्षा से जुड़े मामलों में हाई कोर्ट ने सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम अधिनियम, 2024 के तहत दिल्ली की विभिन्न अदालतों में लंबित सभी विविध कार्यवाही, जांच और मुकदमों को तत्काल प्रभाव से राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) (सीबीआइ)-25 की विशेष रूप से नामित फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।
भविष्य में इस अधिनियम के तहत दर्ज होने वाली नई एफआइआर और उनसे जुड़ी कार्यवाही की सुनवाई भी इसी अदालत में होगी। यह व्यवस्था कानून में धारा 12ए जोड़े जाने के बाद लागू की गई है।
हायर ज्यूडिशियल सर्विस के 28 अधिकारियों की तैनाती
वहीं, 14 सितंबर को जारी आदेश में दिल्ली हाई कोर्ट ने हायर ज्यूडिशियल सर्विस के 28 अधिकारियों की नई तैनाती की है।
इसके तहत अनिल कुमार सिसोदिया को जिला न्यायाधीश (कमर्शियल कोर्ट) तीस हजारी, आशुतोष कुमार को कमर्शियल कोर्ट-10, तीस हजारी और मनोज कुमार को कमर्शियल कोर्ट-02, पटियाला हाउस भेजा गया है।
अजय पांडेय को कमर्शियल कोर्ट साकेत में तैनाती दी गई है। वहीं राकेश पंडित, नरेश कुमार मल्होत्रा, नीलोफर आबिदा परवीन और मोहम्मद फारुख समेत कई अन्य अधिकारियों की भी नई जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
इसके अलावा शिवाली बंसल, सत्यव्रत पांडा, सुशांत चांगोत्रा, छवि कपूर और मनीषा खुराना कक्कड़ समेत कई न्यायिक अधिकारियों को विशेष अदालतों और विभिन्न जिलों में नई जिम्मेदारी दी गई है।
कई अदालतें खत्म, लंबित मामलों का होगा पुनर्वितरण
हाई कोर्ट ने कुछ अदालतों को समाप्त करने का भी निर्णय लिया है। राउज एवेन्यू स्थित विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट)(सीबीआइ)-01 अदालत को समाप्त कर वहां लंबित मामलों को अन्य सीबीआइ अदालतों में समान रूप से बांटने का निर्देश दिया गया है।
इसी तरह तीस हजारी की दो कमर्शियल अदालतों समेत साकेत, द्वारका और अन्य जिलों की कुछ अदालतों को भी समाप्त किया गया है और उनके लंबित मामलों को संबंधित अदालतों में पुनर्वितरित किया जाएगा।
हाई कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि तबादले से पहले जिन मामलों में न्यायिक अधिकारियों ने निर्णय विचाराधीन रखा है उनमें निर्णय निर्धारित तारीख पर या अधिकतम दो से तीन सप्ताह के भीतर सुनाया जाए।
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