विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दिल्ली में लू का येलो अलर्ट: दोपहर 11 से शाम 5 बजे तक बाहर न निकलने की सलाह, RML में हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार

Published: Sun, 26 Apr 2026 05:55 AM (IST)

दिल्ली में भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के चलते मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। आरएमएल अस्पताल ...और पढ़ें

दिल्ली में लू का खतरा। (AI Generated Image)

दिल्ली में लू का खतरा। (AI Generated Image)

HighLights

  1. दिल्ली में भीषण गर्मी, लू का येलो अलर्ट जारी।

  2. आरएमएल अस्पताल में हीट स्ट्रोक वार्ड तैयार।

  3. दोपहर 11-5 बजे बाहर निकलने से बचें।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। राजधानी में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी और लू के प्रकोप के बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि दोपहर 11 बजे से शाम पांच बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, क्योंकि इस दौरान हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक रहता है।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राम मनोहर लोहिया अस्पताल (आरएमएल) ने हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष वार्ड तैयार किया है। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत में अस्पताल के निदेशक डा. एल. श्याम ने बताया कि लू में बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिनी पीने की सलाहए।

पर्याप्त पानी पीने की सलाह

उन्होंने पर्याप्त पानी पीने, ढीले कपड़े पहनने, आराम करने और शरीर को ठंडा रखने की सलाह दी। साथ ही लस्सी और आम पन्ना जैसे पारंपरिक पेय पदार्थों को भी फायदेमंद बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि सावधानी, समय पर पहचान और त्वरित इलाज ही लू से बचाव के सबसे प्रभावी उपाय हैं।

आरएमएल हीट स्ट्रोक वार्ड के इंचार्ज डा. अजय चौहान ने बताया कि यह स्थिति बेहद गंभीर होती है और समय पर इलाज न मिलने पर जान जाने का खतरा काफी बढ़ जाता है। मरीजों के त्वरित उपचार के लिए वार्ड में दो बेड प्राथमिक इलाज के लिए आरक्षित रखे गए हैं।

साथ ही बड़े टब में ठंडा पानी और बर्फ भरकर ‘होल बाडी इमर्शन’ की सुविधा तैयार की गई है, जिससे मरीज का शरीर का तापमान तेजी से कम किया जा सके।

बर्फ मिले पानी में डुबोया जाता है

उन्होंने बताया कि मरीज के आते ही उसे बर्फ मिले पानी में डुबोया जाता है, जिससे शरीर का तापमान करीब पांच डिग्री तक लाया जाता है। इसके बाद उसे बेड पर शिफ्ट कर आगे का उपचार किया जाता है और स्थिति स्थिर होने पर इमरजेंसी में भेजा जाता है।

अस्पताल में इसके लिए आइस-मेकिंग मशीन जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। बताया कि वर्ष 2024 में इस वार्ड में 75 मरीज भर्ती हुए थे, जिनमें से 27 की मौत हो गई थी, जो इस बीमारी की गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, इस वर्ष अभी तक कोई मरीज भर्ती नहीं हुआ है।

यह भी पढ़ें- पंजाब-हिमाचल समेत 8 राज्यों में चलेगी लू, बच्चों और बुजुर्गों के लिए IMD की सलाह; बताया कब मिलेगी राहत

यह भी पढ़ें- दिल्ली में कब घटेगा तापमान? लू से बचाव करेंगे 5 उपाय; राइडर्स ना करें गलती

लक्षण

  • शरीर का अत्यधिक गर्म होना, चक्कर आना, उल्टी-दस्त और बेहोशी।
  • ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत शरीर को ठंडा करें।
  • गर्दन और शरीर पर पानी डालें।
  • बिना देरी किए अस्पताल पहुंचाएं।