दिल्ली में कूलिंग जोन की तर्ज पर बनेंगे 'हीटिंग जोन', सर्दी से बचाव के साथ प्रदूषण पर भी लगेगी लगाम
दिल्ली में सर्दियों में कचरा, कोयला और लकड़ी जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए 'हीटिंग जोन' ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार बनाएगी हीटिंग जोन। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
दिल्ली में सर्दियों के लिए हीटिंग जोन की तैयारी
कचरा, कोयला जलाने से होने वाला प्रदूषण रुकेगा
लोगों को ठंड से बचने को मिलेगी सुरक्षित जगह
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। सर्दियों में ठंड से बचने के लिए कचरा, कोयला और लकड़ियां जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए दिल्ली में अब हीटिंग जोन बनाए जाएंगे।
कूलिंग जोन की तर्ज पर तैयार होने वाली इस व्यवस्था के तहत लोगों को ठंड से बचने के लिए सुरक्षित जगह और गर्माहट उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी। दिसंबर या जनवरी में ठंड बढ़ने पर दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में ये हीटिंग जोन बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव को तुरंत स्वीकारा
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव के साथ दिल्ली में वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर हुई एक बैठक में यह सुझाव सामने आया था।
तब मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस प्रस्ताव को तुरंत ही स्वीकार कर लिया। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने भी हीटिंग जोन बनाने की पहल की पुष्टि की है।
खुले में आग जलाने से बढ़ता है प्रदूषण
विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों में खुले में कचरा, लकड़ी और कोयला जलाना वायु प्रदूषण का एक अहम कारण बनता है। खासकर झुग्गी बस्तियों, अनधिकृत कॉलोनियों एवं खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों को ठंड से बचने के लिए आग जलानी पड़ती है।
इससे निकलने वाला धुआं हवा को प्रदूषित करता है। सर्दियों में हवा की गति कम होने और प्रदूषकों के वातावरण में जमा होने से समस्या और गंभीर हो जाती है।
हीटिंग जोन की कार्ययोजना पर काम जारी
पर्यावरण विभाग के अधिकारी बताते हैं कि हीटिंग जोन बनाने का उद्देश्य लोगों को ठंड से बचने का विकल्प उपलब्ध कराना है, ताकि खुले में आग जलाने की जरूरत कम हो और प्रदूषण पर भी अंकुश लगाया जा सके।
हालांकि इस जोन में किस तरह की व्यवस्था होगी, कितने स्थानों पर ये बनाए जाएंगे और इनके संचालन की जिम्मेदारी किस एजेंसी को दी जाएगी, इसका विस्तृत खाका सामने आना बाकी है।
कार्ययोजना पर काम चल रहा है। बताया जाता है कि हीटिंग जोन कुछ-कुछ उसी तरह होंगे, जैसे गर्मियों में कूलिंग जोन बनाए गए थे।
शीतकालीन कार्ययोजना का हिस्सा होगी पहल
मालूम हो कि केंद्र और दिल्ली सरकार की बैठक में सर्दियों के प्रदूषण से निपटने के लिए कई अन्य उपायों पर भी चर्चा हुई थी।
इनमें खुले में कचरा जलाने पर रोक, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर कार्रवाई, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल पर नियंत्रण व सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना शामिल है। हीटिंग जोन की पहल को इसी शीतकालीन कार्ययोजना का हिस्सा माना जा रहा है।
