दिल्ली के 12 इलाकों पर हीटवेव का सबसे ज्यादा खतरा, सरकार ने तैयार किया विशेष 'सुरक्षा चक्र'
दिल्ली सरकार ने गर्मी के बढ़ते प्रकोप और 'हीट आइलैंड' की चुनौती से निपटने के लिए नई रणनीति अपनाई है। ...और पढ़ें

दिल्ली सरकार ने बनाया 'विशेष सुरक्षा चक्र'। (AI Generated Image)
HighLights
दिल्ली सरकार ने गर्मी के लिए बदली रणनीति।
12 'हीट आइलैंड' क्षेत्रों को किया चिन्हित।
हॉटस्पॉट में क्यूआरटी, ओआरएस, पानी की व्यवस्था।
संजीव गुप्ता, नई दिल्ली। दिल्ली में गर्मी के बदलते मिजाज और ''थर्मल हाटस्पाट'' यानी हीट आइलैंड की बढ़ती चुनौती को देखते हुए दिल्ली सरकार ने इस बार अपनी रणनीति बदल दी है।
पिछले दो तीन वर्षों में लगातार 40 दिनों तक तापमान 40 डिग्री से ऊपर रहने के गंभीर ट्रेंड को देखते हुए सरकार ने उन विशिष्ट इलाकों के लिए ''विशेष सुरक्षा चक्र'' तैयार किया है, जहां भीषण गर्मी अधिक परेशानी का सबब बन सकती है।
जानकारों का कहना है कि दिल्ली सरकार का यह विज्ञानी और क्षेत्र-विशिष्ट प्लान उन लाखों लोगों के लिए मददगार बन सकता है, जो इन घनी आबादी वाले और गर्म इलाकों में रहते हैं।
सैटेलाइट डेटा से हुई हॉटस्पाट की पहचान
इस बार सरकार ने दिल्ली के चप्पे-चप्पे का विज्ञानी विश्लेषण किया है। सैटेलाइट डेटा के आधार पर उन 12 क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है जो ''हीट आइलैंड'' बन चुके हैं। इन इलाकों में कंक्रीट की अधिकता एवं हवा की कमी के कारण तापमान आसपास के क्षेत्रों से कहीं अधिक रिकार्ड किया जा रहा है।
सबसे संवेदनशील इलाके
- दक्षिण दिल्ली : आयानगर (2025 का उच्चतम 45.5 डिग्री)।
- पश्चिम दिल्ली : नजफगढ़ (2025 का उच्चतम 43.7 डिग्री)।
- मध्य व उत्तर दिल्ली : वजीरपुर, जहांगीरपुरी, शास्त्री पार्क और दिल्ली गेट।
- घनी आबादी वाले हीट आइलैंड : सावदा, मुबारकपुर डबास, भलस्वा, नंद नगरी, गोकुलपुरी और बक्करवाला।
सुरक्षा चक्र : संवेदनशील इलाकों में क्या होंगे खास इंतजाम?
- क्विक रिस्पांस टीमों (क्यूआरटी) की तैनाती : इन इलाकों में विशेष मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी जो हीट स्ट्रोक या गर्मी से संबंधित आपात स्थितियों में तुरंत कार्रवाई करेंगी।
- हेल्थ सेंटर पर अतिरिक्त ओआरएस : हाटस्पाट के नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस के पैकेटों का बफर स्टाक रखा गया है ताकि डिहाइड्रेशन से तुरंत निपटा जा सके।
- पानी के टैंकरों की अधिकता : जिन इलाकों में तापमान रिकार्ड स्तर पर पहुंच रहा है, वहां पानी की खपत को देखते हुए अतिरिक्त पानी के टैंकरों की व्यवस्था की गई है।
- विज्ञानी निगरानी : सरकार लगातार डेटा के जरिए इन इलाकों के तापमान पर नजर रख रही है ताकि जरूरत पड़ने पर राहत कार्यों को और तेज किया जा सके।
40 दिनों का ''डेंजर जोन''
सरकार ने चेतावनी दी है कि दिल्ली में तापमान का 40 डिग्री से ऊपर बने रहना अब एक सामान्य घटना नहीं बल्कि एक खतरनाक ट्रेंड है। बीते वर्षों के दौरान सफदरजंग में 46.8 डिग्री जैसा उच्चतम स्तर छूने वाले आंकड़ों को आधार बनाकर प्रशासन अब ''रिएक्टिव'' होने के बजाय ''प्रोएक्टिव'' मोड में काम कर रहा है।
