दिल्ली में हीट एक्शन प्लान 2026 लागू: दोपहर 1 से 4 बजे तक खुले में काम पर रोक, लू से बचाने सड़कों पर उतरीं रिस्पांस वैन
दिल्ली सरकार ने भीषण गर्मी और लू से निपटने के लिए राजधानी के 13 जिलों में 13 हीटवेव रिस्पांस वैन ...और पढ़ें

दिल्ली सचिवालय में हीट वेव रिस्पांस वैन में रखी ठंडे पानी की मशीन से पीने के लिए पानी लेती मुख्य मंत्री रेखा गुप्ता। हरीश कुमार
HighLights
13 जिलों में 13 हीटवेव रिस्पांस वैन तैनात।
ठंडा पानी, ओआरएस, प्राथमिक उपचार की सुविधा।
श्रमिकों के लिए दोपहर में काम रोकने के निर्देश।
राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। हीट एक्शन प्लान के तहत अब राजधानी के हर जिले में एक हीटवेव रिस्पांस वैन भी तैनात होगी। ये वैन रोज सुबह 11 से शाम छह बजे तक उन स्थानों पर संचालित होंगी, जहां अधिक भीड़ और गर्मी का प्रभाव अधिक रहता है, जैसे श्रमिक चौक, बस अड्डे, बाजार, झुग्गी क्षेत्र और अन्य संवेदनशील इलाके।
इनमें नागरिकों को ठंडा और स्वच्छ पेयजल, ओआरएस के पैकेट, प्राथमिक उपचार की सुविधा, टोपी और सूती गमछे उपलब्ध कराए जाएंगे। हर वैन में 400 से 500 लीटर क्षमता का ठंडे पानी का टैंक, फर्स्ट एड किट, ओआरएस वितरण व्यवस्था और आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध रहेगी। हेल्पलाइन नंबर 112 पर संपर्क करके भी इन वैन की सहायता प्राप्त की जा सकती है।

गर्मी से जंग, दिल्ली सरकार के संग... के बीच सीएम रेखा गुप्ता ने इन सभी वैनों को बुधवार दोपहर सचिवालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही लू के असर को कम करने के लिए तैयार किए गए हीट एक्शन प्लान 2026 की बुकलेट भी जारी की।

इसके अतिरिक्त, हर जिले में 10-10 सिविल डिफेंस वालेंटियरों की तैनाती की गई है, जो अगले तीन महीनों तक इन वैनों के संचालन में सहयोग करेंगे। प्रत्येक जिले में प्रतिदिन लगभग 1000 ओआरएस पैकेट, 300 सूती गमछे और 200 टोपियों का वितरण किया जाएगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए ईको-फ्रेंडली डिस्पोजेबल ग्लास और कचरा संग्रह की भी उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘गर्मी से जंग, दिल्ली सरकार के संग’ केवल एक अभियान नहीं, बल्कि दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता है। सरकार ने इस वर्ष का हीट एक्शन प्लान भी पूरी तैयारी और समन्वय के साथ लागू किया है।
यह प्लान शहर के हर वर्ग और हर व्यक्ति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, विशेष रूप से दिहाड़ी और निर्माण श्रमिकों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, बेघर व्यक्तियों, वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों जैसे संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
निर्माण कार्यों और खुले में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। दोपहर एक से चार बजे तक बाहरी श्रम कार्यों को रोकने और विश्राम अवधि सुनिश्चित करने के निर्देश सार्वजनिक एवं निजी संस्थानों को दिए गए हैं।
