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दक्षिण दिल्ली में 7.55 एकड़ में बनेगा IIFT का नया कैंपस, मिलेंगी ये शानदार सुविधाएं

Published: Thu, 07 May 2026 12:51 AM (IST)

भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (IIFT) का नया अत्याधुनिक परिसर 350 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मैदानगढ़ी, दिल्ली में NBCC द्वारा बनाया जाएगा।

IIFT का नया अत्याधुनिक परिसर 350 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मैदानगढ़ी, दिल्ली में NBCC द्वारा बनाया जाएगा। इमेज एआई

IIFT का नया अत्याधुनिक परिसर 350 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से मैदानगढ़ी, दिल्ली में NBCC द्वारा बनाया जाएगा। इमेज एआई

HighLights

  1. 350 करोड़ की लागत से बनेगा नया IIFT परिसर।

  2. NBCC द्वारा मैदानगढ़ी, दिल्ली में किया जा रहा निर्माण।

  3. स्मार्ट क्लासरूम, छात्रावास और पर्यावरण-अनुकूल सुविधाएं होंगी।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आइआइएफटी) के नया आधुनिक परिसर 350 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार होगा। मैदानगढ़ी में एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड ने इसकी आधारशिला रखी। इस अवसर पर अध्यक्षता एनबीसीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ के.पी. महादेवास्वामी ने की। यह परियोजना डिजाइन, इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) माडल पर विकसित की जा रही है।

एनबीसीसी के अनुसार दक्षिण दिल्ली के प्राइम लोकेशन पर स्थित यह नया परिसर 7.55 एकड़ के भूखंड पर फैला होगा, जो मेट्रो और हवाई अड्डे जैसे प्रमुख परिवहन केंद्रों से बेहतरीन कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। लगभग 54,000 वर्ग मीटर के निर्मित क्षेत्र वाले इस केंद्र को शैक्षणिक उत्कृष्टता और वैश्विक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है। डॉ महादेवास्वामी ने कहा कि यह विस्तार आइआइएफटी की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता में एक दूरगामी निवेश है।

उन्होंने बताया कि परिसर में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक लाइब्रेरी, संकाय कार्यालय और 1000 सीटों वाला सभागार शामिल होगा, जो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों के लिए उपयुक्त है। छात्रों के लिए 600 बिस्तरों वाले छात्रावास और संकाय सदस्यों के लिए आवासीय इकाइयों का भी निर्माण किया जा रहा है।

पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए परिसर में सौर ऊर्जा संयंत्र, वर्षा जल संचयन और उन्नत अपशिष्ट प्रबंधन प्रणालियां लगाई जाएंगी। भवन के डिजाइन में इस तरह की तकनीक अपनाई गई है कि 80 प्रतिशत से अधिक स्थानों पर प्राकृतिक रोशनी पहुंचे, जिससे ऊर्जा की भारी बचत होगी।

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