विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कंपनी का डायरेक्टर बनाया और फिर... 842 करोड़ की दवा खरीद घोटाले के मुख्य आरोपी रंगीला पर मर्डर का मुकदमा

Published: Sun, 08 Nov 2026 02:34 PM (IST)

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के 842 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी राजीव रंगीला पर अपने गार्ड ज्ञान चंद के नाम ...और पढ़ें

842 करोड़ के उपकरण और दवा खरीद घोटाले का मामला। AI जनरेटेड इमेज

842 करोड़ के उपकरण और दवा खरीद घोटाले का मामला। AI जनरेटेड इमेज

HighLights

  1. राजीव रंगीला पर 842 करोड़ के स्वास्थ्य विभाग घोटाले का आरोप।

  2. गार्ड ज्ञान चंद के नाम पर फर्जी कंपनी बनाकर टेंडर लिया।

  3. ज्ञान चंद की संदिग्ध मौत के बाद रंगीला पर FIR दर्ज।

अनूप कुमार सिंह, नई दिल्ली। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग में 842 करोड़ के उपकरण और दवा खरीद घोटाले के मुख्य आरोपी राजीव रंगीला ने अस्पतालों को चादर और अन्य लिनेन सामग्री की आपूर्ति के लिए जिस कंपनी का इस्तेमाल किया किया था, उसे उसने अपने करनाल (हरियाणा) फार्म हाउस के गार्ड ज्ञान चंद की जानकारी के बिना उसके नाम और दस्तावेज का उपयोग कर बनाया था।

आरोप है कि रंगीला ने इसी कंपनी के नाम पर चादर और लिनेन आपूर्ति का टेंडर हासिल कर करीब 25 करोड़ रुपये की सामग्री के बदले विभागीय मिलीभगत से 75 करोड़ रुपये का भुगतान करा लिया था।

संदिग्ध परिस्थितियों में मौत 

आरोप है कि फर्जी कंपनियों के जरिए बिल प्रस्तुत कर भुगतान हासिल किया गया। ज्ञानचंद की इसमें कितनी हिस्सेदारी थी या नहीं, एसीबी इसका पता लगा रही है। घोटाले की जांच शुरू होने के बाद एक सितंबर को ज्ञानचंद की रंगीला के फार्म हाउस में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

हरियाणा पुलिस ने ज्ञानचंद की मौत मामले में उसके बेटे की शिकायत पर राजीव रंगीला पर करनाल के सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि ज्ञानचंद की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप दे दिया गया या फिर उसे आत्महत्या करने पर मजबूर किया गया।

हरियाणा पुलिस इसकी जांच कर रही है। दिल्ली के मेडिकल खरीद घोटाले की जांच कर रही दिल्ली पुलिस की एसीबी भी इसे लेकर जानकारी जुटा रही है।

दिल्ली स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार चार नवंबर को कोर्ट में रंगीला की जमानत याचिका के विरोध में ज्ञानचंद की मौत का मामला उठा था। आरोप लगाया गया कि राजीव रंगीला ने ज्ञानचंद के पहचान संबंधी दस्तावेज का गलत उपयोग कर उसे कंपनी का निदेशक बना दिया था।

ज्ञानचंद करनाल में रंगीला के फार्म हाउस पर करीब 20 साल से चौकीदार और ट्रैक्टर चालक के रूप में काम कर रहा था। कंपनी के कारोबार व सरकारी टेंडर से उसका कोई वास्तविक संबंध नहीं था। बताया गया कि उसे कंपनी का निदेशक बनाए जाने की जानकारी भी नहीं थी।

पांच कंपनियों को मिले 839 करोड़ रुपये

आरोप है कि रंगीला से जुड़ी पांच प्रमुख कंपनियों को सरकारी भुगतान के रूप में करीब 839 करोड़ रुपये मिले। पूरे मेडिकल खरीद घोटाले की रकम करीब 842 करोड़ रुपये बताई जा रही है। एसीबी कंपनियों के निदेशकों, बैंक खातों, टेंडर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।

यह भी पढ़ें- अमेरिका भागा, सबूत मिटाए और फाइलें कीं गायब; 842 करोड़ के मेडिकल घोटाले के मास्टमाइंड राजीव रंगीला की बेल नामंजूर

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।