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दिल्ली में हेड कॉन्स्टेबल ने डिलीवरी ब्वॉय को क्यों मारी गोली? बर्थडे पार्टी से दोस्त के साथ लौट रहा था युवक

Published: Mon, 27 Apr 2026 09:54 AM (IST)

दिल्ली के जाफरपुर कलां में जन्मदिन पार्टी से लौट रहे दो दोस्तों को दिल्ली पुलिस के हेड कॉन्स्टेबल ने गोली ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. जन्मदिन पार्टी से लौटते दोस्तों को हेड कॉन्स्टेबल ने गोली मारी।

  2. जोमैटो डिलीवरी बॉय पांडव कुमार की मौके पर मौत हुई।

  3. नशे में धुत आरोपी हेड कॉन्स्टेबल नीरज फरार है।

जागरण संवाददाता, पश्चिमी दिल्ली। जाफरपुर कलां थाना क्षेत्र में शनिवार रात दोस्त के बेटे की जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे दो दोस्तों को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल ने गोली मार दी। मृतक की पहचान पांडव कुमार और घायल की पहचान कृष्ण के रूप में हुई है।

बताया गया है कि वारदात के दौरान नशे में आरोपित ने भीड़ लगाने का कारण पूछा और गाली गलौज करने लगा, लोगों ने विरोध किया तो गोली चला दी। घायल को डीडीयू अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपित के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

क्या है पूरा मामला?

पुलिस के मुताबिक पांडव कुमार उत्तम नगर की प्रजापति कॉलोनी में रहते थे और जोमैटो में डिलीवरी ब्वॉय थे। शनिवार वह जाफरपुरकलां में दोस्त रूपेश के दो साल के बेटे की जन्मदिन की पार्टी में गए थे। देर रात करीब दो बजे पार्टी खत्म होने के बाद रुपेश सभी के साथ मेन रावता रोड पर गए।

सड़क पर एक मोटरसाइकिल पर पांडव, दोस्त कृष्ण बैठे थे और महिलाओं समेत अन्य लोग भी थे। तभी पास में ही रहने वाला दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल में तैनात कॉन्स्टेबल नीरज वहां आया और भीड़ लगाने का कारण पूछने लगा। आरोप है कि नशे में कॉन्स्टेबल ने गाली गलौज शुरू कर दी। जिसका पांडव कुमार ने विरोध किया।

इसी बात पर वह आगबबूला हो गया और पिस्टल निकालकर पांडव कुमार के माथे पर रख दी और बाद में सीने से सटाकर गोली चला दी। गोली पांडव के सीने को चीरती हुई उसके पीछे बैठे कृष्ण के पेट में जा लगी। इसके बाद आरोपित फरार हो गया।

पीड़ित पक्ष ने किया थाने का घेराव

पांडव कुमार की मौत के बाद स्वजन और लोगों में पुलिस के खिलाफ गुस्सा है। उन्होंने जल्द से जल्द आरोपी की गिरफ्तारी की मांग करते हुए उसे फांसी देने की मांग की। गुस्साए लोग रविवार सुबह थाने के बाहर पहुंचे और हंगामा किया। बात बढ़ने पर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन देकर स्वजन और लोगों को शांत कराया।

पिता और मां का सहारा छिना

उत्तम नगर की "प्रजापति कॉलोनी" के एक छोटे से मकान में रह रहे बिहार के खगड़िया के रहने वाले गणेश ने कभी नहीं सोचा था कि जिस बेटे के कंधों के सहारे उन्होंने बुढ़ापे को काटने का सपना देखा था, उसी का शव उन्हें उठाना पड़ेगा। पाडंव कुमार परिवार की रीढ़ था।

पिता गणेश की पथराई आंखें और मां की सिसकियां बता रही थीं कि उन्होंने सिर्फ बेटा नहीं, बल्कि अपनी जीने की वजह खो दी है। परिवार का पूरा खर्च पांडव ही चलाता था। घर में छोटा भाई विकास और एक शादीशुदा बहन है। विकास की पढ़ाई और घर का चूल्हा, सब कुछ उसी की मेहनत से चलता था। अब इस परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट गहरा गया है।

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