'किसी की पहचान का इस्तेमाल करना अपने आप में गैरकानूनी नहीं', कृति सेनन की याचिका पर दिल्ली HC की टिप्पणी
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करना अपने आप में गैरकानूनी नहीं है, क्योंकि ...और पढ़ें
-1777120278874_v-1793856463515_m.webp)
दिल्ली हाई कोर्ट। सोशल मीडिया
HighLights
पहचान का इस्तेमाल करना अपने आप में गैरकानूनी नहीं: दिल्ली हाई कोर्ट।
व्यक्तिगत अधिकार पहचान के व्यावसायिक मूल्य की रक्षा करते हैं।
कृति सेनन की डीपफेक याचिका पर अदालत ने टिप्पणी की।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा कि व्यक्तिगत अधिकार अपने आप में कोई स्वतंत्र कानूनी आधार नहीं हैं और किसी व्यक्ति की पहचान का इस्तेमाल करना मात्र गैरकानूनी नहीं है।
अदालत ने उक्त टिप्पणी अभिनेत्री कृति सेनन की याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए की। कृति सेनन ने उनके नाम, तस्वीर, हुलिए और आवाज के दुरुपयोग के खिलाफ अंतरिम राहत की मांग की थी। इसमें एआइ से बने डीपफेक, किसी और का रूप धरना और सिंथेटिक आवाज शामिल हैं।
किसी और को नहीं सौंपा जा सकता
अदालत ने कहा कि व्यक्तिगत अधिकार किसी व्यक्ति की पहचान के व्यावसायिक मूल्य की रक्षा करता है और इसे लाइसेंस पर दिया जा सकता है। इसके विपरीत, निजता, गरिमा और प्रतिष्ठा व्यक्तिगत हित हैं, जिन्हें किसी और को नहीं सौंपा जा सकता।
अधिकार पाने की शर्त नहीं
अदालत ने स्पष्ट किया कि ये अधिकार हर व्यक्ति को प्राप्त हैं। पहचान का व्यावसायिक मूल्य और उसके दुरुपयोग से हुआ नुकसान तय करने में प्रसिद्धि एक कारक हो सकती है, लेकिन अधिकार पाने की शर्त नहीं। साथ ही, पहचान का इस्तेमाल अपने आप में गैरकानूनी नहीं है।