विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

हत्या के दोषी की 13 साल बाद गिरफ्तारी पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, कहा-गंभीर व्यवस्थागत नाकामी

Published: Wed, 04 Feb 2026 06:41 PM (IST)

दिल्ली हाईकोर्ट ने हत्या के दोषी की गिरफ्तारी में 13 साल से अधिक की देरी पर कड़ी नाराजगी जताई है। ...और पढ़ें

दिल्ली हाईकाेर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर व्यवस्थागत नाकामी करार दिया है।

दिल्ली हाईकाेर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर व्यवस्थागत नाकामी करार दिया है।

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। हत्या के मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा उम्रकैद की सजा देने के बावजूद भी दोषी को गिरफ्तार करने में 13 साल से अधिक की देरी पर दिल्ली हाईकाेर्ट ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे गंभीर व्यवस्थागत नाकामी करार दिया है।

2009 का है मामला

अदालत ने कहा कि इस तरह की लापरवाही आपराधिक न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता को खत्म करती है। न्यायमूर्ति नवीन चावला व न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने दोषी सोनू द्वारा दायर एक अपील पर सुनवाई करते हुए उक्त टिप्पणी की। सोनू को 2009 में एक हत्या के मामले में दाेषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी।

तेरह साल तक आजाद घूमता रहा

अदालत ने कहा कि यह उन मामलों में से एक ऐसा मामला है, जहां सजा के विरुद्ध अपीलकर्ता की 2012 में अपील खारिज होने के बावजूद तेरह साल की लंबी अवधि तक आजाद घूमता रहा।

दिसंबर 2010 में अपीलकर्ता की सजा दो महीने के लिए निलंबित करने के पहलू पर अदाल ने कहा कि दोषी ने उसके बाद कभी आत्मसमर्पण नहीं किया। यहां तक कि 19 सितंबर 2012 को उसकी अपील खारिज होने के बाद भी। अपीलकर्ता को लगभग तेरह साल बाद 13 अक्टूबर 2025 को ही गिरफ्तार किया गया था।

पीठ ने दिए दिशा-निर्देश

इस प्रकरण काे गंभीर मानते हुए अदालत ने कहा कि यह उक्त पहलू ट्रायल कोर्ट, जेल प्रशासन और पुलिस के बीच तालमेल की कमी को दिखाता है। ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए पीठ ने दिशा-निर्देश जारी करते हुए सभी अधिकारियों को इसका पालन करने को कहा।

अदालत ने निर्देश दिया कि अंतरिम जमानत या सजा के निलंबन का कोई भी आदेश पारित होने के तुरंत बाद रजिस्ट्री उक्त आदेश को ट्रायल कोर्ट, जेल अधीक्षक और संबंधित पुलिस स्टेशन को सूचित करेगा।

पुलिस कमिश्नर को भेजा जाएगा निर्देश

अदालत ने कहा कि यदि सजा एक निश्चित अवधि के लिए निलंबित की जाती है, तो ट्रायल कोर्ट, बान्ड स्वीकार करने के बाद आत्मसमर्पण की तारीख तय करेगा और रिकॉर्ड करेगा। पीठ ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को आदेश की एक प्रति सभी आपराधिक कोर्ट, जेल महानिरीक्षक और पुलिस कमिश्नर को जानकारी और सख्ती से पालन के लिए भेजने का निर्देश दिया।

यह भी पढ़ें- सूरजकुंड मेले में बांग्लादेशी शिल्पकार ने कहा, 'भारत में कभी डर नहीं लगा, यहां सब अपने लगते हैं'

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।