29 अक्टूबर तक नहीं गिरेगी रेस कोर्स मस्जिद, दिल्ली HC ने केंद्र सरकार और वक्फ बोर्ड से मांगा जवाब
दिल्ली हाई कोर्ट ने रेस कोर्स क्लब मस्जिद की सुरक्षा और ध्वस्तीकरण की आशंका पर केंद्र सरकार व दिल्ली वक्फ ...और पढ़ें

रेस कोर्स मस्जिद को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार और वक्फ बोर्ड से मांगा जवाब। फोटो: आर्काइव
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। रेस कोर्स क्लब स्थित मस्जिद को तोड़े जाने की आशंका और सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को केंद्र सरकार और दिल्ली वक्फ बोर्ड से जवाब मांगा।
न्यायमूर्ति अनीश दयाल की पीठ ने नोटिस जारी करते हुए अगली सुनवाई 29 अक्टूबर तय की।
मस्जिद तक आने-जाने में रुकावट का आरोप
प्रधानमंत्री आवास के पास करीब 53 एकड़ में फैले क्लब के भीतर स्थित मस्जिद को लेकर याचिकाकर्ता सैयद अहमद सऊद के वकील एम. सुफियान सिद्दीकी ने कहा कि मस्जिद तक आने-जाने के रास्ते में रुकावटें पैदा की गई हैं, जिससे नमाजी अंदर नहीं जा पा रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनके मुताबिक, मस्जिद को 1977 से सरकारी गजट में वक्फ संपत्ति के रूप में अधिसूचित किया गया है और इसमें बुनियादी बदलाव के लिए हेरिटेज कमिटी की विशेष अनुमति जरूरी है।
याचिका में बिजली और पानी की सुविधा काटे जाने को मस्जिद पर खतरे की आशंका का आधार बताया गया।
अगली सुनवाई तक नहीं होगी कार्रवाई
सुनवाई में वक्फ बोर्ड के वकील ने कहा कि 19 अक्टूबर को भू संपदा अधिकारी और संबंधित अधिकारियों को आवेदन दिया गया था, जिस पर अब तक फैसला नहीं हुआ। केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ता आशीष दीक्षित ने निर्देश लेने के लिए समय मांगा।
उन्होंने बताया कि रेस कोर्स इलाके में चल रही तोड़फोड़ के दौरान मस्जिद में आने वालों की सुरक्षा के मद्देनजर बिजली और पानी काटे गए थे। परिसर में एक मंदिर भी है और इस संबंध में भी सरकार से निर्देश लिए जाएंगे।
केंद्र ने अदालत को आश्वासन दिया कि अगली सुनवाई तक मस्जिद गिराने की कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
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