विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

सौरव गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों पर विवाद, फिल्म 'दूसरा' के निर्माताओं से दिल्ली HC ने मांगा जवाब

Published: Fri, 23 Oct 2026 06:14 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन मामले में फिल्म 'दूसरा' के निर्माताओं से ...और पढ़ें

फिल्म दूसरा के निर्माता, निर्देशक और वितरक से दिल्ली हाई कोर्ट ने क्रिकेटर सौरव गांगुली के व्यक्तिगत अधिकारों के संबंध में जवाब मांगा है।

फिल्म दूसरा के निर्माता, निर्देशक और वितरक से दिल्ली हाई कोर्ट ने क्रिकेटर सौरव गांगुली के व्यक्तिगत अधिकारों के संबंध में जवाब मांगा है।

HighLights

  1. दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म 'दूसरा' निर्माताओं से जवाब मांगा।

  2. सौरव गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों के उल्लंघन का मामला।

  3. कोर्ट ने फिल्म स्क्रीनिंग की व्यवस्था का निर्देश दिया।

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली के व्यक्तिगत अधिकारों के उल्लंघन से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को फिल्म दूसरा के निर्माता, निर्देशक और वितरक से जवाब मांगा। न्यायमूर्ति विनोद कुमार की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि फिल्म पर अंतरिम राहत देने के सवाल पर फैसला प्रतिवादियों के जवाब दाखिल करने के बाद ही किया जा सकता है।

रिलीज हो चुकी है फिल्म 'दूसरा'

अदालत ने फिल्म की स्क्रीनिंग की व्यवस्था करने का भी निर्देश दिया, ताकि यह देखा जा सके कि इसमें गांगुली के व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। मामले की अगली सुनवाई 29 अक्टूबर को होगी। गांगुली और पूर्व क्रिकेट कप्तान पर बायोपिक बना रही कंपनी लव फिल्म्स एलएलपी ने याचिका दायर की है। फिल्म 'दूसरा' शुक्रवार को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है।

निर्माताओं का दावा- बायोपिक नहीं, काल्पनिक कहानी

फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ने दलील दी कि दूसरा गांगुली की बायोपिक नहीं, बल्कि राजस्थान की एक मध्यमवर्गीय लड़की की काल्पनिक कहानी है, जो क्रिकेटर से जुड़ी कुछ खेल घटनाओं से प्रेरणा लेती है।

उन्होंने यह भी दलील दी कि फिल्म में गांगुली से जुड़े कुछ दृश्यों के इस्तेमाल के लिए संबंधित अधिकारधारकों से अनुमति ली गई है। वहीं, गांगुली की ओर से पेश अधिवक्ता ने दलील दी कि फिल्म के निर्माण के लिए उनसे कोई लाइसेंस नहीं लिया गया और इससे उनके व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन होने की आशंका है।

रिलीज के बाद रोक की मांग पर भी बहस

सुनवाई के दौरान फिल्म निर्माताओं के अधिवक्ता ने दलील दी कि फिल्म रिलीज हो जाने के बाद अंतरिम राहत की मांग निष्प्रभावी हो गई है। इसके जवाब में याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि रिलीज के बाद भी फिल्म पर रोक लगाई जा सकती है।

बृहस्पतिवार को हाई कोर्ट ने फिल्म की रिलीज रोकने से इन्कार कर दिया था। निर्माताओं की ओर से यह भी दलील दी गई कि कोई खिलाड़ी 2002 की नेटवेस्ट सीरीज के वीडियो दृश्यों पर व्यक्तित्व अधिकार का दावा नहीं कर सकता।

यह भी पढ़ें- दिल्ली दंगा मामले में सात दोषियों को 6-6 माह का कठोर कारावास, धारा 144 का उल्लंघन पड़ा भारी

यह भी पढ़ें- रेसकोर्स मस्जिद की बिजली-पानी सप्लाई बहाल करने से दिल्ली HC का इंकार, इमाम की याचिका की खारिज