रेसकोर्स मस्जिद की बिजली-पानी सप्लाई बहाल करने से दिल्ली HC का इनकार, इमाम की याचिका की खारिज
दिल्ली हाई कोर्ट ने रेसकोर्स क्लब परिसर स्थित मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने की याचिका खारिज ...और पढ़ें

रेसकोर्स मस्जिद की बिजली पानी आपूर्ति बहाल करने से इनकार। फोटो: आर्काइव
HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद की याचिका खारिज की।
इमाम के पास परिसर पर स्वतंत्र अधिकार नहीं माना।
बिजली बहाली से जनहानि का जोखिम बताया गया।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने रेसकोर्स क्लब परिसर स्थित मस्जिद की बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग खारिज कर दी है।
न्यायमूर्ति सौरभ बनर्जी की पीठ ने मस्जिद के इमाम मोहम्मद हारून की याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले में गंभीर तथ्यात्मक विवाद हैं, जिनका निपटारा इस रिट याचिका में नहीं किया जा सकता।
अदालत ने कहा कि याचिका में मुख्य सवाल इमाम के परिसर पर अधिकार और मस्जिद के हाई कोर्ट के फैसले के दायरे से बाहर होने को लेकर हैं। पीठ के अनुसार, इन मुद्दों पर मौजूदा कार्यवाही में फैसला देना संभव नहीं है।
इमाम का परिसर पर स्वतंत्र अधिकार नहीं
मस्जिद के बिजली और पानी के कनेक्शन सात अक्टूबर को काटे गए थे। इसके बाद इमाम ने 12 अक्टूबर को अदालत का रुख किया। मस्जिद वक्फ अधिसूचित संपत्ति है और वर्ष 2009 में इसे ग्रेड-2 विरासत संरचना घोषित किया गया था।
अदालत ने यह भी गौर किया कि दिल्ली वक्फ बोर्ड, जिसे परिसर का मूल कब्जाधारी बताया गया, ने बिजली कनेक्शन काटे जाने को चुनौती नहीं दी।
पीठ ने कहा कि बोर्ड द्वारा नियुक्त इमाम का परिसर पर स्वतंत्र अधिकार नहीं है, इसलिए वह कनेक्शन कटने के आधार पर मौलिक अधिकारों के उल्लंघन का दावा नहीं कर सकते।
बिजली बहाल करने पर जनहानि का जोखिम
नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने कहा था कि इलाके में झुग्गियों को हटाने का काम जारी है और बिजली बहाल करने से जनहानि का जोखिम हो सकता है। परिषद ने यह भी बताया कि भूमि एवं विकास कार्यालय को याचिका में पक्षकार नहीं बनाया गया है।
झुग्गीवासियों को पुनर्वासित करने के बाद विवाद
यह विवाद रेसकोर्स रोड पर करीब 700 झुग्गीवासियों को हटाने से जुड़े मामले के बीच सामने आया है। 25 अगस्त के फैसले के बाद उन्हें सावदा घेवरा में पुनर्वासित किया गया था।
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