दिल्ली दंगा मामले में सात दोषियों को 6-6 माह का कठोर कारावास, धारा 144 का उल्लंघन पड़ा भारी
कड़कड़डूमा कोर्ट ने फरवरी 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में धारा 144 के उल्लंघन के लिए सात ...और पढ़ें

दिल्ली दंगा मामले में धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने पर सात दोषियों को छह-छह माह सजा सुनाई गई है। फाइल फोटो
HighLights
सात दोषियों को छह माह का कठोर कारावास मिला।
फरवरी 2020 दिल्ली दंगों में धारा 144 का उल्लंघन।
दोषियों ने ट्रायल के दौरान जेल में समय बिताया।
सौरभ पांडेय, पूर्वी दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए दंगों से जुड़े मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने धारा 144 के तहत लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने के मामले में सात दोषियों को छह-छह माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
अदालत ने प्रत्येक दोषी पर एक-एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। हालांकि, सभी दोषी ट्रायल के दौरान छह महीने से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं, इसलिए जुर्माना जमा करने के बाद उन्हें दोबारा जेल नहीं जाना पड़ा।
धारा 188 के तहत दोषी ठहराया
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह की अदालत ने शुक्रवार को यह फैसला सुनाया। खजूरी खास थाने में दर्ज एफआइआर के तहत कुलदीप सिंह, हरजीत सिंह उर्फ हैप्पी, संदीप उर्फ संजीव, राहुल उर्फ अजय, भरत भूषण उर्फ लक्की, सचिन रस्तोगी और धर्मेंद्र उर्फ धाम को भारतीय दंड संहिता की धारा 188 के तहत दोषी ठहराया गया था।
कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती
सजा पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने दोषियों की आर्थिक स्थिति और परिवार की जिम्मेदारियों का हवाला देते हुए नरमी बरतने की अपील की थी। वहीं, अभियोजन पक्ष ने कहा कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे आदेशों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। कानून के प्रति सम्मान बनाए रखने के लिए इस तरह के मामलों में सख्ती जरूरी है।
