'बेटे की हाइपरसेक्सुअल व्यवहार के चलते डर में जी रही हूं...', CARA को कस्टडी देने के लिए दिल्ली HC पहुंची मां
एक महिला ने गोद लिए बेटे के आक्रामक और हाइपरसेक्सुअल व्यवहार के कारण उसकी कस्टडी CARA को सौंपने की मांग ...और पढ़ें

गोद लिए गए 14 साल के बेटे की हाइपरसेक्युअल व्यवहार से तंग आकर एक मां ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
HighLights
महिला ने गोद लिए बेटे की कस्टडी वापस मांगी।
बेटे के आक्रामक और हाइपरसेक्सुअल व्यवहार से परेशान मां।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कारा और सीडब्ल्यूसी से जवाब मांगा।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। गोद लिए गए 14 साल के बेटे की हाइपरसेक्युअल व्यवहार से तंग आकर एक मां ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। सुनवाई के दौरा महिला ने दावा किया कि वह बच्चे के व्यवहार के चलते डर के साये में जी रही है। ऐसे में वह सेंट्रल अडाॅप्शन रिसोर्स अथाॅरिटी (कारा) को वह बच्चा सौंपना चाहती है। याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने केंद्र सरकार, कारा, संबंधित चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) आदि से जवाब मांगा है।
2018 में लिया था गोद
महिला का आरोप है कि उसने और उसके पति ने 2018 में कारा के माध्यम से इस लड़के को गोद लिया था। हालांकि, उम्र बढ़ने के साथ ही लड़के ने आक्रामक व्यवहार और चोरी जैसी गलत हरकतें कीं और उसे कई स्कूलों से निकाल दिया गया। इसके कारण महिला के लिए उसकी देखभाल करना मुश्किल हो गया है।
महिला की याचिका पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने केंद्र सरकार, कारा, संबंधित चाइल्ड वेलफेयर कमिटी (सीडब्ल्यूसी) के साथ लड़के को नोटिस जाीर कर जवाब मांगा है। याचिका पर अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी।
पति का हो चुका है निधन
याचिकाकर्ता महिला ने बताया कि 2021 में उनके पति का निधन हो गया और अब वह अपनी बूढ़ी मां और बहन के साथ रहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लड़के के आक्रामक और हाइपरसेक्सुअल व्यवहार के कारण वे लगातार डर में जी रही हैं कि कहीं वह उनके साथ गलत हरकत न कर दे।
पुलिस से भी मांग चुकी है मदद
याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब लड़के को रुपये नहीं मिलते थे या वह याचिकाकर्ता से पैसे या कीमती सामान नहीं चुरा पाता था, तो वह हिंसक व्यवहार करने लगता था। इसमें यह भी दावा किया गया है कि उसने एक अन्य महिला के साथ गलत व्यवहार किया था और मामले की सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन बाद में याचिकाकर्ता के अनुरोध पर शिकायत बंद कर दी गई थी।
इलाज सुनिश्चित करने को कहा
गोद लेने वाली मां ने लड़के की कस्टडी कारा या किसी उपयुक्त संस्था को सौंपने के निर्देश देने की मांग की है। उन्होंने कारा और सीडब्ल्यूसी से उसके मेडिकल इलाज को सुनिश्चित करने के निर्देश देने की भी मांग की है।
