आबकारी घोटाले में CBI की याचिका पर पेंच, दिल्ली HC ने विजय नायर के केस पर कहा- 5 महीने तक नहीं जताई आपत्ति
दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी घोटाला मामले में सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका के खिलाफ विजय नायर की याचिका खारिज कर ...और पढ़ें

HighLights
दिल्ली हाई कोर्ट ने विजय नायर की याचिका खारिज की।
नायर ने सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका पर सवाल उठाए थे।
कोर्ट ने कहा, आदेश पर पांच माह तक आपत्ति नहीं हुई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आबकारी घोटाला मामले में 23 आरोपितों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका के आधार पर सवाल उठाते हुए आप नेता विजय नायर द्वारा दायर की गई याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने खारिज कर दिया। विजय नायर ने अदालत के पहले निर्देशाें में बदलाव की मांग की थी ताकि मुख्य मामले की मेरिट पर सुनवाई से पहले सीबीआई की याचिका की योग्यता पर उनकी आपत्ति सुनी और तय की जा सके।
तब वकील ने कोई आपत्ति नहीं की
हालांकि, न्यायमूर्ति न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने कहा कि अदालत के सामने हुई कार्यवाही और दलीलें न्यायिक रिकार्ड में दर्ज होती हैं, उसे बाद में किए गए किसी विपरीत दावे के आधार पर नहीं बदला जा सकता। पीठ ने कहा कि जब उनकी मौजूदगी में आदेश बोला गया, तब वकील की ओर से कोई आपत्ति नहीं उठाई गई।
दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा?
अदालत ने यह भी कहा कि बाद में आदेश अपलोड किया गया और इसे दिल्ली हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड हुए पांच महीने बीत चुके हैं। इस दौरान न तो ऐसी कोई अर्जी दी गई और न ही संबंधित रोस्टर बेंच के सामने आदेश में सुधार का कोई अनुरोध किया गया। विजय नायर ने तर्क दिया था कि पुनरीक्षण याचिका सही तरीके से दायर की गई या नहीं, इस सवाल का फैसला सबसे पहले होना चाहिए।
अरविंद केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपित हो चुके हैं बरी
इसके बाद अदालत, सीबीआई की तरफ से आरोपमुक्त करने के आदेश को चुनौती देने के मामले की मेरिट पर विचार करे। विजय नायर ने तर्क दिया है कि केस की सुनवाई की योग्यता पर पहले फैसला करने से कोर्ट का समय बचेगा, क्योंकि सीबीआई की पुनरीक्षण याचिका 23 प्रतिवादियों से जुड़ी है। 27 फरवरी 2026 को ट्रायल कोर्ट ने आबकारी घाेटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सहित सभी 23 आरोपितों को बरी कर दिया था।
