'मिर्जापुर: द मूवी' के फाइट सीन में बजा था 'शूरवीर', दिल्ली हाई कोर्ट ने आर्मी फंड में देने को कहा 50 हजार
दिल्ली हाईकोर्ट ने 'मिर्जापुर: द मूवी' के निर्माताओं को 'शूरवीर' गाने के दुरुपयोग पर आर्मी वेलफेयर फंड में 50,000 रुपये दान करने का निर्देश दिया है।
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फिल्म के 'शूरवीर' गाने का इस्तेमाल एक फाइट सीक्वेंस के बैकग्राउंड म्यूजिक के रूप में किया गया था।
HighLights
हाईकोर्ट ने 'मिर्जापुर' निर्माताओं को 50,000 रुपये दान का आदेश।
'शूरवीर' गाने का फाइट सीन में हुआ था दुरुपयोग।
आर्मी वेलफेयर फंड में जमा करनी होगी राशि।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। दिल्ली हाईकोर्ट ने 'मिर्जापुर: द मूवी' के निर्माताओं से महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि देने वाले गाने के कथित दुरुपयोग पर आर्मी वेलफेयर फंड में 50,000 रुपये दान करने को कहा है। गाने का इस्तेमाल एक फाइट सीक्वेंस के बैकग्राउंड म्यूजिक के रूप में किया गया था।
दान में देरी किये तो फिर आना होगा कोर्ट
एक्टिंग चीफ जस्टिस नितिन वासुदेव सांब्रे और जस्टिस संजय शर्मा की बेंच ने गाने के इस्तेमाल को चुनौती देने वाली जनहित याचिका (पीआईएल) पर कार्यवाही बंद कर दी, क्योंकि गाना बदल दिया गया था। लेकिन, कोर्ट ने कहा कि अगर निर्धारित समय में दान नहीं किया गया तो लागत के मुद्दे पर मामले को फिर से लिया जाएगा।
दो सप्ताह में कोर्ट में देनी होगी रसीद
13 अक्टूबर को पारित आदेश में कोर्ट ने नोट किया कि गाना 'शूरवीर' 17 सितंबर से फिल्म में नहीं चलाया जा रहा है। आदेश में कहा गया, 'प्रतिवादी संख्या 3 (एक्सेल एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड) के वकील ने कहा कि प्रतिवादियों के आचरण को देखते हुए एक सप्ताह के अंदर आर्मी वेलफेयर फंड में 50,000 रुपये स्वेच्छा से दान किए जाएंगे और इसकी रसीद रिकॉर्ड पर पेश की जाएगी।'
कोर्ट ने कहा कि अगर आज से दो सप्ताह के अंदर उक्त पावती पेश करने में विफलता होती है, तो मामला केवल प्रतिवादी संख्या 3 द्वारा भुगतान की जाने वाली लागत के सीमित पहलू पर कोर्ट के सामने पुनर्विचार के लिए सूचीबद्ध किया जाएगा।
प्रस्ताव पर फैसला करने को कहा था
17 सितंबर को हाईकोर्ट ने कहा था कि 'मिर्जापुर: द मूवी' में फाइट सीक्वेंस के बैकग्राउंड स्कोर के रूप में 'शूरवीर' का इस्तेमाल 'अच्छा स्वाद' नहीं है। सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के वकील ने कोर्ट को बताया कि फिल्म के निर्माता ने स्वेच्छा से सीन में बदलाव करने के लिए संपर्क किया है। इसके बाद कोर्ट ने बोर्ड से एक सप्ताह के अंदर प्रस्ताव पर फैसला करने को कहा था। निर्माता के वकील ने कहा था कि गाने का इस्तेमाल सिर्फ क्लाइमेक्स को 'सजाने' के लिए किया गया था, जिसमें नायक गुंडों से लड़ते हैं।
प्रशांत कुमार सिंह द्वारा दायर पीआईएल में आरोप लगाया गया था कि महाराणा प्रताप को श्रद्धांजलि देने वाली संगीत रचना 'शूरवीर' का इस्तेमाल इस तरह किया गया कि योद्धा के पूज्य आदर्शों और फिल्म में दर्शाए गए हिंसक व अवैध आचरण के बीच 'अवांछनीय संबंध' बन गया।
याचिका में महाराणा प्रताप का भी जिक्र
याचिका में कहा गया कि 'मिर्जापुर: द मूवी' संगठित अपराध, गैंग प्रतिद्वंद्विता और हिंसक आपराधिक गतिविधियों की पृष्ठभूमि पर आधारित है। मुख्य पात्रों, जिनमें कलीन भैया शामिल हैं, को अवैध हथियार रखने और इस्तेमाल, ड्रग तस्करी, जबरन वसूली, धमकियों, हत्याओं और अन्य हिंसा से जुड़े आपराधिक साम्राज्य चलाने वाले के रूप में दिखाया गया है।
याचिका का आरोप था कि महाराणा प्रताप से जुड़ी रचना के साथ ऐसा चित्रण योद्धा द्वारा प्रतिनिधित्व किए गए साहस, सम्मान और बलिदान के मूल्यों तथा फिल्म में दर्शाई गई आपराधिकता व हिंसा के बीच भ्रामक संबंध पैदा कर सकता है।
