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दिल्ली में आतंकी साजिश के मामले में दो आरोपितों को दिल्ली HC ने दी सशर्त जमानत, चार साल से जेल में थे कैद

Published: Fri, 20 Mar 2026 04:21 PM (IST)Updated: Fri, 20 Mar 2026 07:56 PM (IST)

दिल्ली हाई कोर्ट ने आतंकी साजिश मामले में चार साल से अधिक समय से जेल में बंद हरीश निसार लंगू ...और पढ़ें

एनआईए ने दोनों आरोपितों को जम्मू-कश्मीर के साथ दिल्ली में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश के मामले में गिरफ्तार किया था।

एनआईए ने दोनों आरोपितों को जम्मू-कश्मीर के साथ दिल्ली में आतंकी वारदात को अंजाम देने की साजिश के मामले में गिरफ्तार किया था।

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विनीत त्रिपाठी, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर व दिल्ली सहित देशभर में आतंकवादी गतिविधियां करने की साजिश रचने के मामले में दो आरोपिताें को दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को सशर्त जमानत दे दी। न्यायमूर्ति नवीन चावला व न्यायमूर्ति रविंदर डुडेजा की पीठ ने आरोपित हारिस निसार लांगू और जामिन आदिल भट को यह कहते हुए जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया कि दोनोें ही चार साल से ज्यादा समय तक जेल में रह चुके हैं।

दोनों आरोपितों को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने अक्टूबर 2021 में गिरफ्तार किया था। आरोपितों ने जमानत देने से इन्कार करने के ट्रायल कोर्ट के 2023 के आदेश को चुनौती दी थी। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ताओं की सीमित भूमिका को देखते हुए उन्हें लगातार हिरासत में रखना न्याय के हित में नहीं होगा। अदालत ने कहा कि चार साल चार महीने तक लंबे समय तक जेल में रहने के बाद भी इस बात की कोई निश्चितता नहीं है कि ट्रायल उचित समय के भीतर पूरा हो जाएगा।

पीठ ने आरोपितों को 50-50 हजार रुपये के निजी मुचलके व इतनी ही राशि के दो जमानती पर रिहा करने का आदेश दिया। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता इंटरनेट मीडिया ग्रुप का हिस्सा थे, लेकिन उन पर इन ग्रुप को बनाने या कोई आपत्तिजनक सामग्री साझा करने का कोई आरोप नहीं था। पीठ ने कहा कि किसी ऐसे व्यक्ति को लंबे समय तक ट्रायल से पहले जेल में रखना, जिसकी भूमिका मुख्य रूप से डिजिटल और अहिंसक प्रकृति की है। पीठ ने कहा कि अपीलकर्ताओें के खिलाफ केस और साक्ष्यों की जांच ट्रायल के दौरान ही की जाएगी।

इस मामले में एनआईए ने 10 अक्टूबर 2021 को भारतीय दंड संहिता और गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्राथमिकी हुई थी। उन पर आरोप है कि वे साइबर स्पेस के साथ ही अन्य माध्यम से जम्मू-कश्मीर के साथ-साथ दिल्ली सहित भारत के बड़े शहरों में हिंसक आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।

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